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🥲🥲🥲🥲🥲🥲🥲🥲
उनकी आखिरी मुलाकात याद है मुझे ,
कश्म कश बनी रहती थी जिंदगी,
वो आए दो टूक बात करे ,
दिल इसी सहारे जीता था कभी,
न दुबारा मिलन हुई उनसे ,
न कभी उनकी मीठी आवाज सुनी,
दिल आस लगाए बैठा हुआ,
आयेगी एक दिन वो समा,
जब हमारी भी नुक छिप कर बात होगी,
कसक जिंदगी की हमेशा छोड़ गई,
दिल के हारे हुए थे हम,
वो हर बार ब्लॉक कर गई🙄।
उनकी आखिरी मुलाकात आज भी याद है मुझे,
कैसे उनकी मैसेज का मोबाइल में गिरना,
और मेरी दिल का धड़कना 💓,
जैसे मुहब्बत हो गई थी उनसे,
बस दिल को एक ही ख्याल आते,
कभी तो उनका भी दिल पिघलेगा,
मेरे हृदय में बसी प्यार की झलक दिखेगा,
बैरुखी हवा चलती ,
पत्ते हिलकर टूट💔जाते,
क्योंकि फिर वो ब्लॉक कर जाती,
दिल बिखरे भी तो समझ आए,
नादान सी दिल प्यार की भीख मांग आए🥲,
जालिम दिल पर जुल्म इतना ढाहे,
मुझे फिर से ब्लॉक जो कर आए🥲।
उनकी आखिरी मुलाकात अब भी याद है मुझे,
मेरी हजार मिन्नते करना🙏,
फिर कभी भी दिल से दूर न जाना,
फिर कई मीठी बातें होती,
उनकी sorry 🙏 हजार होती,
दिल को फिर से आश लगी होती🥲,
होगा कभी उन्हें भी अहमियत मेरी दिल की,
बैवजह बैचारी मुझे ब्लॉक कर देती🙄।
उनकी आखिरी मुलाकात याद है मुझे,
किस तरह मेरे छोटे से दिल में बसी,
प्यार 💓का अहसास जो तूने भर दिया,
माना भी था तूने भी मुठ्ठी भर ही सही,
प्यार का इजहार कबूल किया,
फिर क्यों तूने मुझे ब्लॉक किया,
ब्लॉक करके मेरे दिल को ब्लैकमेल किया 🥲,
ये मुझसे न रास आई 🙄,
तुम्हे भी वेदना भरी शब्द लिख दिया ।
उनकी आखिरी मुलाकात याद है मुझे,
कैसे तूने मेरी अहसास ए वफा को,
पैरों तले कुचल दिया 😥,
अपने रिश्तों को बीच में लाकर ,
धमकी भरे शब्दों से चिपका दिया,
मुझे ब्लैकमेलर 😥बताकर,
खुद की कन्नी काट लिया,
और खुद को ही मुझसे डर बताकर,
मेरी दिल को जख्म 💔💔दे गया ।
हा याद है मुझे तुम्हारी आखिरी😭 मुलाकात,
किस तरह तूने ब्लैकमेलर का दर्जा दिया,
तोड़कर सारी वादें तूने,
जहर का विष घोल दिया,
क्यों हो तुम ऐसा जो रास नहीं आई,
मुठ्ठी भर दिल को रौशन करके ,
अपनी उल्लू सीधा कर लिया ।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
✍️✍️✍️मनीष कुमार  💔
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