उन योद्धाओं को नमन है मेरा, शत-शत वंदन है,
इस संकट में लगे हुए जो,अपना फर्ज निभाने में।
सभी चिकित्सक,नर्सें मिल के बीमारों की सेवा में,
किये बिना परवाह जान की,लगे रात दिन सेवा में।
पुलिस प्रशासन लगाहै,ये सबको नित समझाने में, 
घर बार छोड़ के लाक डाउन,को सफल बनाने में।
नित्य करें सैनीटाइज सड़कें, वाहन आने जाने के,
लगे हुए सफाई कर्मी,अपने ड्यूटीफर्ज निभाने में।
अधिकारी कर्मचारी लगे,गरीबों को राशन देने में,
समाजसेवी लगे हुए हैं,हर भूखे को खाना देने में।
हर कोरोना सस्पेक्टिव नित ही,क्वारेंनटाईन  होते,
उनका ब्लड सैंपल लेके,रोज जाँच को भेजे जाते।
जाँच पॉज़िटिव आते ही,होताहै इलाका पूरा सील,
ज्यादातर जानें बचतीहैं,इन योद्धाओं की सेवा से।
ठहर गयीहै दुनिया पूरी,ज्यादातर आइसोलेटेड हैं,
भारत की हो या यूपी की, सरकार सजग है दोनों।
लेकिन कुछ लोग नहीं मानते,तोड़ रहे नित कानून,
सरकारें हैं लगी हुई ये ,हम सब की जान बचाने में।
एक देश के वे योद्धा हैं,ये कोरोना जंग नित लड़ते,
खुद हो रहे प्रभावित इससे,किन्तु साहस से लड़ते।
प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी,सभी लगेहैं इसमें,
जागरूक नित करते हमको,बिना जरा भी सहमें।
हम कैसी नासमझी करते,करते नहीं नियम पालन,
रोज अपीलें करता है प्रशासन,फ़िक्रमंद है शासन।
आफ़त में न डालो यारों,खुदको एवं न जनता को,
सफल लड़ाई नहीं हुईहै,कभी अकेले हमसब की।
ऐसी पहली जंग शुरू है, जो घर बैठे ही लड़ना है,
जीतें गें ये जंग सभी हम,सब दूर दूर बस रहना है। 
सीमा पर हर मौसम में,रहते सजग देश के प्रहरी हैं,
लांघें ना घर की सीमा को,उसके हम सब प्रहरी हैं।
सेवायें देनेवाले योद्धाओं का,दिल से सम्मान करो,
थूको न उन पर ऐसे,और न उनका अपमान करो।
मत फैलाओ ये बीमारी,हमें इस भारत में रहना है,
जायें अपना चेकअप करायें,हमें ठीक से रहना है।
घबरायें ना शासन प्रशासन से,मदद में सभी खड़े,
मिल कर साथ सभी भारत के,आओ ये जंग लड़ें।
आयें प्रण ये लें हम सब,मानव का धर्म निभाना है,
जिस संकट में पड़े हुए सब, उसको दूर भगाना है।
घरमें रहें सुरक्षित रहके,कोरोना को हमें भगाना है,
हम सब भी रहें सुरक्षित,हमें भारत देश बचाना है।
राष्ट्र प्रेम है अनुपम तेरा, तेरी सेवाओं को नमन है,
कर्म वीर योद्धाओं दिल से, तेरा शत शत वंदन है।
रचयिता

डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.

नोट :जिस समय कविता लिखी गई थी,उस समय कोरोना वैक्सीन नहीं बनी थी,रिसर्च हो रहा था। आज हमारे देश में वैक्सीन बनकर भी उपलब्ध है और 95 करोड़ भारतीयों को अभी
तक लग भी चुकी है। आप भी कृपया वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं एवं 90 दिन बाद इसकी बूस्टर डोज भी लगवाएं।

सुरक्षित रहें,सतर्क रहें।
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