जीवन किसी का भी
चुनौतियों से अछूता नहीं
हर सपना हो जाए
साकार हर किसी का
जीवन में हमेशा
ऐसा होता नहीं।।
अद्भुत होती हैं ये
जीवन की परीक्षाएं भी
कोई पाठ्यक्रम भी
इनका होता नहीं।।
कठिन परिश्रम और
लगन का गर साथ हो
तो कौन सी परीक्षा है
जो उत्तीर्ण होगी नहीं।।
चखले गर ये जिंदगी
हार का भी स्वाद तो
हार ही तो है कोई
पत्थर की लकीर नहीं
जो खिच गई अगर तो
पार फिर होगी नहीं।।
जीवन में न जाने
मोड़ कितने ऐसे आयेंगे
खुद ब खुद ही जब
कदम डगमगायेंगे।।
जीवन की कहानी ये
बिन चुनौतियों के
पूरी कभी होती नहीं
गर हो भी जाए पूरी तो
वो कोई कहानी नहीं।।
हकीकत की कहानी में
सिर्फ जीत ही होती नहीं
जो हारी न हो कभी
वो कोई जिंदगी नहीं
बिन चुनौतियों के जो हो जाए पूरी
ऐसी होती कोई कहानी नहीं।।
कविता गौतम…✍️
