उलझनों के धागे में पिरोकर
धीरे धीरे बढ़ रही थी जिंदगी
थे कितने अनसुलझे सवाल
जिनका जवाब वो नहीं जानती
ऋद्धि अंजान नंबर के उस गुड मॉर्निंग मैसेज से परेशान थी उसने अपनी फ्रेंड नित्या से बात की तो उसने ऋद्धि से कहा कि एक बार रिप्लाई दे दो आखिर पता चलना चाहिए कि वो है कौन? ऋद्धि को भी नित्या की बात सही लगी वैसे भी उसने कभी भी गुड मॉर्निंग मैसेज के अलावा और कोई मैसेज नहीं भी भेजा था ना कभी कोई हेलो हाय की थी। अगले दिन जब उस नंबर से फिर मैसेज आया तो ऋद्धि ने बहुत सोच समझ कर रिप्लाई कर दिया
गुड मॉर्निंग, सेम टू यू
थैंक यू यार , रिप्लाई क्यों नहीं किया अभी तक , उधर से रिप्लाई आया।
हू आर यू? ऋद्धि ने टाइप किया।
डोंट यू नो ? उधर से रिप्लाई आया
नो,आई डोंट नो, ऋद्धि ने कहा।
कुछ देर को शांति छा गई । थोड़ी देर बाद रिप्लाई आया
आई एम सम्राट , एंड यू?
आई एम ऋद्धि , ऋद्धि ने अपना इंट्रो दिया।
सम्राट – नाइस नेम,
ऋद्धि – मैं आपसे कुछ पूछना चाहती हूं सम्राट जी।
सम्राट – जी पूछिए
ऋद्धि – आप मुझे पिछले एक हफ्ते से गुड मॉर्निंग मैसेज भेज रहे हैं, जबकि मैं आपको जानती भी नहीं हूं। क्या मैं जान सकती हूं कि आप कौन हैं?
सम्राट – ऋद्धि जी , आपको परेशान करने के लिए वेरी सॉरी, लेकिन दरअसल ये मैसेज मैं बाय मिस्टेक आपके पास करता था , मुझे अपने फ्रेंड का नंबर याद नहीं था अंदाजे से मैने उसका नंबर सेव किया था तभी शायद नंबर इधर उधर हुआ होगा और वो मैसेज आपके पास पहुंच जाते थे , तभी मैं सोच रहा था कि मेरा दोस्त मेरे किसी मैसेज का रिप्लाई क्यों नहीं दे रहा। अगर आज आप मुझे रिप्लाई नहीं देती तो मैं कभी जान ही नहीं पाता कि मेरे द्वारा भेजा गया मैसेज कहीं और जा रहा है आई एम वेरी सॉरी ऋद्धि जी, अगर आपको मेरी वजह से कोई तकलीफ पहुंची हो ,।
ऋद्धि – इट्स ओके,
सम्राट – आज के बाद मैं आपको मैसेज नहीं करूंगा , मैं स्त्रियों की बहुत इज्जत करता हूं मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से आपको कोई परेशानी हो ।
ऋद्धि – थैंक यू सो मच सम्राट जी।
सम्राट – ओके ऋद्धि जी बाय।
ऋद्धि – बाय
इसके बाद तीन चार दिनों तक सम्राट का मैसेज नहीं आता है , ऋद्धि समझ जाती है कि शायद गलती से ही मैसेज मेरे पास आया होगा। सम्राट बहुत अच्छा इंसान है। उससे बात करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन वो उसे मैसेज नहीं करती।एक दिन ऋद्धि ने अपनी फोटो स्टेटस पर लगाई तो सबके कमेंट के साथ साथ सम्राट ने भी कमेंट किया ,
वेरी नाइस पिक
थैंक यू वेरी मच, ऋद्धि ने भी कह दिया।
सम्राट – एक बात पूछूं ऋद्धि जी , इफ यू डोंट माइंड ।
ऋद्धि – श्योर,पूछिए।
सम्राट – क्या हम लोग फ्रेंड बनकर बात कर सकते हैं ?
ऋद्धि – नहीं सम्राट जी,मेरा पुरुषों के साथ दोस्ती करना मेरे पति को पसंद नहीं आएगा , मेरा परिवार बहुत ही सीधा साधा है और मेरी पूरी दुनिया मेरा परिवार है, आई एम वेरी सॉरी।
सम्राट – ओके कोई बात नहीं, लेकिन मैं आपको अपनी फ्रेंड मानता हूं आपका स्वभाव बहुत अच्छा है , आप बहुत समझदार स्त्री हैं जो अपने परिवार की बहुत इज्जत करती हैं और उनकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं करतीं। आपका नेचर मेरे नेचर से काफी हद तक मिलता है मैं भी अपने परिवार को बहुत मानता हूं । आप भले ही मुझेअपना फ्रेंड ना माने लेकिन इंसानियत के नाते भविष्य में कभी भी आप किसी भी वजह से थोड़ा भी दुखी हो तो मुझे जरूर याद करिएगा ।
ऋद्धि – जी जरूर सम्राट जी । अब मैं चलती हूं थोड़ा सा काम है । बाय।
सम्राट – बाय।
सम्राट को ऋद्धि का नेचर बहुत अच्छा लगता है वो उसे अपनी फ्रेंड बनाना चाहता है लेकिन ऋद्धि मना कर देती है
कुछ दिनों बाद सम्राट का बर्थडे रहता है उसके बर्थडे पर उसकी फैमिली वाले पिक्चर्स लगाते हैं तो ऋद्धि को लगता है कि उसे भी सम्राट को बर्थडे विश करना चाहिए ।वो लिखकर भेजती है
हैपी बर्थडे सम्राट जी
थैंक यू सो मच ऋद्धि जी, मुझे बिल्कुल यकीन नहीं था कि आप मुझे मेरा बर्थडे विश करेंगी।आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है। सम्राट बहुत खुश था ।
ऋद्धि – सम्राट जी, भले ही हम लोग दोस्त नहीं है लेकिन इतनी तो समझ मुझमें है ही कि मैं आपको आपका बर्थडे विश कर सकूं।
सम्राट – अगर मैं आपसे अपने बर्थडे पर आपसे कुछ मांगू तो क्या आप मुझे देंगी!
ऋद्धि – मैं कोशिश करूंगी वादा नहीं कर सकती ।कहिए
सम्राट क्या हम दोनों आज एक दूसरे से बात कर सकते हैं ? अगर आपको कोई ऐतराज ना हो तो ।
ऋद्धि उसकी बात मान लेती है और उस दिन वो लोग ढेर सारी बातें करते हैं पसंद, नापसंद, स्टडी, ड्रीम्स , बहुत सारी बातें। उस दिन ऋद्धि खुलकर हंसती है । रिनी अपनी भाभी को देखकर बहुत खुश होती है।
ऋद्धि के जीवन में सम्राट का आना क्या रंग लायेगा ?
आइए जानते हैं अगले भाग में तब तक आप पढ़ते रहिए
“अनदेखा मीत”
संगीता शर्मा” प्रिया”
