धन धान्य यश शुभागमन वंन्दन अभिनंन्दन पुज्ज संपत आशीर्वाद विश्वास उत्सव चलभाष।।
पंच दिवस उत्सव जीवन की खुशियाँ
स्वस्थ जीवन सुख बैभव अनुराग भ्रमर भाष्य चलभाष।।
स्वस्थ निरोगी काया धन दौलत का मर्म पर्व मूलउद्देश्य बैसवारी व्यवहार
चलभाष।।
विद्वत जन का साहित्य संदेश सार भगवान सुख संपदा बैभव आचरण सत्कार चलभाष।।
अद्भुत संयोग सागर मंथन धन बैभव मनोकामना पूजन धन्वंतरि आगमन।।
जीवन लक्ष्मी पूजन गोवर्धन गौरव मान भाई बहन एक दूजे के लिये भैया दूज व्यवहार।।
कलम दावात चित्र गुप्त भी पांचोत्सव सत्कार सत्य सकल याथार्त।।
नांदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश।।
