तर्ज : क्या से क्या हो गया बेवफा तेरे प्यार  में 
क्या से क्या हो गया दिलरुबा तेरे प्यार  में 
सोचा क्या और क्या हुआ महबूबा इकरार में । 
वो प्यार जिसपे फिदा हुए थे फना हुआ जिंदगी से 
चूल्हा चौका रोज करते हैं हम तो बंदगी से 
करते हैं झाडू पोंछा मरहवा तेरे प्यार में  
क्या से क्या हो गया दिलरुबा तेरे प्यार  में 
मेकअप करके रहती हो तुम अब बड़े मजे से 
पांच साल में ही हाल हुआ ये लगते हैं गंजे से 
चकला बेलन यार हुआ जानेजां तेरे प्यार में 
क्या से क्या हो गया दिलरुबा तेरे प्यार  में 
सोचा क्या और क्या हुआ महबूबा इकरार में 
हरिशंकर गोयल “हरि”
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *