ईश्वर का दिया अनमोल तोहफा है माँ,
जो कभी न टूटे वो भरोसा है माँ।
कोई एक पल एक दिन नही मेरी माँ,
मेरे जीवन की हर सुबह हर शाम है मेरी माँ।
तपती धूप सी है दुनिया,
ठंडी हवा का झोंका है माँ।
शब्द छोटे पड़े कैसे लिखूँ,
कम पड़ जाए कागज लिखूं जो उसकी महिमा।
प्रेम, ममता, करुणा का समन्दर है वो,
जिसमें हिलोरें लेता स्नेह अथाह ,वो है माँ।
माँ है तो बचपना सलामत है मेरा,
भूल जाती सारे दर्द प्यार से हाथ फिराती मेरी माँ।
मेरी माँ तू बनके साया सलामत रहे,
जब तक है यह जमी आशमा।
अन्जू दीक्षित,
उत्तर प्रदेश।
