(शेर)- हिन्दी है भारत की जुबां, यह हमारी शान है।
हिन्दी हमारी पहचान है, यह हमारी आन है।।
भारत की अखंडता की रक्षा, यह हिन्दी करती है।

हिन्दी है हमारी राष्ट्रभाषा, यह हमारी जान है।।

हमको जो भाषा है प्यारी, वह है हिन्दी हमारी।
जिसमें सुनाये मॉं लोरी, वह है हिन्दी हमारी।।
हमको जो भाषा है —————————-।।

सबसे सुरीली, सबसे सरल, है जगत में हिन्दी।
बाँधें रखें जो रिश्तें हमारे, वह भाषा है हिन्दी।।
रिश्तों की जो है डोरी, वह है हिन्दी हमारी।
हमको जो भाषा है ————————-।।

सभ्यता- संस्कृति की, वाहक है जगत में हिन्दी।
वीरों- महापुरुषों, देवों की पूज्य भाषा है हिन्दी।।
जिसकी दीवानी दुनिया सारी, वह है हिन्दी हमारी।
हमको जो भाषा है —————————-।।

स्वतंत्रता आंदोलन में, सबको जगाया हिन्दी ने।
विश्वपटल पर भारत का, सम्मान बढ़ाया हिन्दी ने।।
सब धर्मों की जो है दुलारी, वह है हिन्दी हमारी।
हमको जो भाषा है —————————-।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

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Gurudeen Verma

By Gurudeen Verma

एक शिक्षक एवं साहित्यकार(तहसील एवं जिला- बारां, राजस्थान) पोस्टेड स्कूल- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नांदिया, तहसील- पिण्डवाड़ा, जिला- सिरोही(राजस्थान) 2900 से ज्यादा रचनायें

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