रैप सांग (गुजरात) मोरबी पुल हादसा


आज भी सवाल वो सोने नहीं देता
बहनो का रोता चेहरा सोंने नही देता
या अल्लाह मदद कर
थोड़ी तो हम पर रहम कर
बच्चो के बिखरे शव नदी लाल रंग मे दिखाई है
किसी के घर त्यौहार तो किसी के घर अर्थी आई है
मोरबी का पुल देखो मौत बन के आई है
प्रशासन का बखेड़ा सब पैसो का है खेला
15 का टिकट देके उन्हे मौत को भेजा
प्रशासन जिम्मेदार है छुपा ना कोई सवाल है
बुढ़ी मां अपने बेटे के शव को खोजे ऊपर वाले ये तेरी कैसी ये चाल है
देखो मेरी मां की बहंती अभी लाश दिखाई है
बहन के जन्मदिन पे हीं मैने बहन की अर्थी सजाई है
लोगो के मौत का जिम्मेदार कौन है?
इस अधूरे रिपेयरिंग का गुनहगार कौन है
चीखे है रोना धोना ये छाया कोहरम है
बिन बुलाए आई मौत ये कैसा पैगाम है?
मां तू कैसे कफन मे सोई है
देख तेरी बेटी रात भर रोई है
मोरबी पुल पे देखो मूर्खता का क्या अंजाम है?
थोड़ी देर पहले खुशी थी अब छाया श्मशान है
फटे है जूते है कही मांस के है लोथड़े
कैसे सुनाऊं मेरे उजड़े है किस्से?
रूंह मेरी कांप गयी जब यह मंजर मैने देखा
पिता ने उठाई अर्थी यहाँ मुर्दो का रेला
4 साल का बच्चा देखो हुआ अनाथ है
हे दीनानाथ प्रभु तेरा कैसा इंसाफ है
8 महिने की गर्भवती देखो तड़प रही
जिंदगी जीने की चाह मे चीख चीख मर रही
हादसे को मै शब्दो मे बयां नही कर सकता
मृतको को 4 लाख जिंदगी वापस कर नही सकता
लाशो के निकलने का सिलसिला अभी जारी है
मच्छु नदी पे मौत तांडव करती भारी है
हे अल्लाह ये क्या हो गया?
मेरा यह सारा जहाँ लूट गया


राजेश बनारसी बाबू
उत्तरप्रदेश वाराणसी
स्वरचित रचना

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