जिंदगी के अनुभव क्या ,किताबों के बोझ तले मिलते हैं।
किताबों से क्या सारा ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं।
माना एक अच्छी दोस्त मित्र हैं हमारी किताब है लेकिन जिंदगी का अनुभव जिंदगी से मिलता है।
पढ़ना जरूरी है ज्ञान के लिए।
लेकिन उस ज्ञान को बोझ न बनाओ ।
गीता का सार रामायण का प्यार।
हमारे ग्रंथों में बसा है।
लेकिन जिंदगी की जीने की कला।
जिंदगी की हकीकत से मिलती है।
सुख दुख में शामिल हो, बनो किसी का आधार।
तब सफल होता है,हमारा किताबों से प्यार।
किताबों को रट कर उच्च पद तो स्थापित हो सकता है।
लेकिन उस उस पद को सौम्यता से निभाना व्यवहारिक जिंदगी सिखाती है।
तो फिर मत दबाओ अपने आप को किताबों के बोझ तले ।
जियो जिंदगी और जीने दो बचपन हंसता खेलता जिंदगी की छांव तले।
नीलम गुप्ता नजरिया दिल्ली
