एक दिन सूरज चमकेगा,
आकाश नया सा छाएगा,
मौसम फिर बहारों वाला,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
मेरी डूबी किस्मत का सूरज फिर उग जाएगा ।
हर एक पेड़ मुझे छांव देगा, धूप में ना कोई जलाएगा।
मौसम फिर बहारों वाला,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
चांद से भी ज्यादा चमकेगी मेरी किस्मत।
रात का अंधेरा ना मुझे डराएगा।
मौसम फिर बहारों वाला,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
एक दिन तो आएगा ऐसा जो हर आशा पूरी कर जाएगा ।
मन के हर कोने कोने में खुशी का दीप जल जाएगा ।
मौसम फिर बहारों वाला,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
खुशियां ही खुशियां होंगी चारों ओर दुख ना मुझे कोई छू पाएगा।
जुगनू सा चमकूंगा मैं ,पर ना कोई मुझे पकड़ पाएगा ।
एक दिन सूरज फ़िर चमकेगा,
आकाश नया सा छाएगा,
मौसम फिर बहारों वाला,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
कामयाबी मुझे दिलाएगा,
कामयाबी मुझे दिलाएगा।।।।।।
– नीति अनेजा पसरिचा
रुद्रपुर, उत्तराखंड
