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जब तक जीवन है तब तक संघर्ष है. लाइफ हमेशा आसानी से नहीं गुजरती. हर दिन कोई न कोई चुनौती, कोई न कोई, संघर्ष लाइफ में आता है और आता रहेगा. ऐसा कोई नहीं हैं जिसकी लाइफ में चुनोतियाँ न हों, दुःख न हों, कठिनाई न हों, रुकावटें न हों, कोई अपनी नौकरी बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, कोई अपने रिश्ते बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है और कोई नौकरी ढूंढने के लिए. सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जीवन में इन दोनों का खासा महत्त्व है. असफलता से अधिकतर लोग घबरा कर अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं. ऐसे में हमें बड़ों के संघर्ष से प्रेरणा मिलती है, जिस के सहारे हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ते हैं. ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिन के जीवन से प्रेरणा ली जा सकती है. ये लोग भी कई बार बचपन से ले कर पढ़ाई और बाकी जीवन में असफल हुए
पर हार न मानी.
बड़े लोगों की आत्मकथा या उन के संघर्ष के बारे में जान कर पता चलता है कि सफलता मेहनत के बाद ही मिलती है. इन बड़े लोगों की कहानियों से हमें प्रेरणा मिलती है. उन की राह पर चल कर हम भी सफल हो सकते हैं
युवावस्था में कैरियर से ले कर निजी संबंधों तक कई बार असफलता हाथ लगती है. काफी मेहनत से पढ़ाई करने के बाद भी कंपीटिशन में सफलता नहीं मिलती. खेल, ऐक्टिंग, डांस और सिंगिंग जैसे कैरियर में भी असफलता ज्यादा और सफलता कम मिलती है.
ऐसे में जब हम बड़े लोगों के संघर्ष को देखते हैं तो मन मजबूत हो जाता है. हम नए सिरे से मेहनत करने लग जाते हैं. इस के बाद हम दोहरी मेहनत से सफलता के लिए जुट जाते हैं. सही दिशा में किए गए प्रयास से सफलता मिलनी तय है.
अस्लफ्ता में ही सफलता छिपी होती है जरूरत इस बात की है हम यह अवश्य देखे की कीन कारणों से असफलता मिली है अगर हम सही माने में बिचार करगे तो साफ पता चल जाता है कि हम क्यो असफल हुए कई बार अपनी असफलता के लिए हम खुद को जिम्मेदार ना मान कर दुसरो दोषरोपण करते हैं जो सही नही है, जब तक हम खुद का सही तरह से आत्म विवेचन नही करेंगे तब तक हमे असफलता के कारण का पाता ही नही चलेगा और उसे दूर कर हम सफलता की राह पर आगे नही बढ़ सकते,ऐसे में जरूरी है कि हम खुद अपना आत्मवेवेक सही तरह से करे,इसी से सफलता का रास्ता निकलता है शामिला में पहचान विमान वेलफेयर सोसाइटी चलाने वाली मनोविज्ञान बिंदु जोसी कहते है””जिंदगी की तपिश को मुस्कुरा कर झेलिये धूप कितनी भी तेज हो समंदर सूखा नही करते””आफ़लता से धबरने की जरूरत नही है बेड़े लोग हमारे प्रेंरणास्त्रोत है, उन के जीवन के संघर्ष से पता चलता है कि सफल होने से पहले वे कितने प्रयास करते है,
“”आमतौर पर युवाओ को लगता है कि हम पहेली बार मे ही सफल क्यों नही हो गए,यह सोच ठीक नही होता है यही हमे डिप्रेसन का शिकार बना देता है बी पौजीटिव छोट सब्त जरूर है,पर इस का असर गहरा है,यह आगे बढ़ने की राह दिखता है,,,,,
,,,,,,,,,स्वरचित,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
प्रितम वर्मा🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
