रामकृष्ण की नींद एक मीठी आवाज में गा रहें भजन से खुली । उसे लगा कि उसकी अम्मा ने सुबह – सुबह रेडियो चला दिया है जिस पर भजन गाया जा रहा है । रामकृष्ण ने सोए – सोए ही अपनी अम्मा से कहा कि अम्मा ! रेडियो की आवाज कम करके सुनो । रात में नींद नहीं आई है इसलिए हमें देर तक सोना है । रामकृष्ण की अम्मा जो रसोई में काम कर रही थी रामकृष्ण से कहा कि लल्ला ! हम रेडियो नहीं चला रहे हैं वह तो लाली गा रही है । अम्मा की बातें सुनकर रामकृष्ण की नींद गायब हो चुकी थी । वह अपने बिस्तर पर से उठ कर अम्मा के पास रसोई में आया और अपनी अम्मा से कहा कि हम तो साल छ: महीने में एक बार गाॅंव का चक्कर लगा लेते है लेकिन कभी भी सुबह – सुबह ऐसी मीठी आवाज में भजन नहीं सुना । हमारे पड़ोस में कौन रहने आ गया जो इतना मीठा गाती है । रामकृष्ण ने उत्सुकतावश पूछा ।
एक अभागन है जो चार महीने पहले आई है । भगवान ने उससे सब कुछ छीन लिया फिर भी रोज भगवान श्रीकृष्ण के लिए भजन गाती है रामकृष्ण की अम्मा ने एक गहरी सांस छोड़ने के बाद बोली ।
अम्मा ! खुल कर बताओ यह कौन है और इसके साथ क्या हुआ था ?? रामकृष्ण ने अपनी अम्मा को देखते हुए कहा ।
लाली हमारे पड़ोस में रहने वाली विमला चाची के भाई की लड़की है । चार महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में इसके अम्मा – बाबूजी की मौत हो गई लेकिन यह अभागिन दुःख सहने के लिए जिंदा बच गई । इसके चाचा – चाची ने रखने से मना कर दिया तो तुम्हारी विमला चाची को मजबूरी में इसे अपने साथ लाना पड़ा । बहुत प्यारी बच्ची है लेकिन इ विमला उसको तंग करके रखती है । दो वख्त की रोटी खाने को देती है और घर का सारा काम लाली से ही करवाती है । ऊपर से मारती भी है । अपनी बेटी से कुछ नहीं करवाती , ना ही खुद कुछ करती है , दिन भर बैठे – बैठे बच्ची पर हुक्म चलाती रहती है । हमें उस बच्ची पर तरस आता है लेकिन इ विमला तो काठ की हैं उसका दुख देखकर तरस नहीं आता इसको । इस त इसको गाने के लिए भी मारती है लेकिन लाली फिर भी भगवान श्रीकृष्ण का भजन थोड़ी देर के लिए ही सही लेकिन गाती जरूर है । अब गाने के बाद दिन भर घर के कामों में लगी रहेगी बेचारी । अभी कुछ देर पहले वही लाली गा रही थी और तुमको लगा कि रेडियो गा रहा है । रामकृष्ण की अम्मा ने रामकृष्ण को देखते हुए कहा ।
रामकृष्ण सोच में पड़ गया । कुछ सोच कर वह छत पर आ गया । सुबह की धूप खिली हुई थी और ठंड का मौसम होने के कारण सुहावनी भी लग रही थी । छत पर आने का एक कारण यह भी था कि वह लाली को देखना चाहता था और छत से विमला चाची का घर साफ – साफ दिखाई देता था ।
काम करते हुए जब लाली ऑंगन में आई तो रामकृष्ण ने लाली को देखा । साधारण नयन – नक्श वाली लाली ने पहली ही नजर में रामकृष्ण के दिल में जगह बना ली थी जिसका पता ना तो रामकृष्ण को ही था और ना ही लाली को । रामकृष्ण किसी भी तरह लाली से मिलना चाहता था लेकिन वह उससे कैसे मिले ?? यह उसकी समझ में नहीं आ रहा था । रामकृष्ण को दिल्ली लौटना भी था इसलिए वह जल्द से जल्द लाली से बात करना चाहता था । रामकृष्ण ने अपनी अम्मा को बताया कि अम्मा ! हम लाली के लिए कुछ करना चाहते है । वह इतना अच्छा गाती है कि हम तो उसकी मीठी आवाज का प्रशंशक बन गए है । अम्मा ने आश्चर्य से अपने लल्ला रामकृष्ण को देखा और कहा :- लल्ला इ तू का कह रहा है हमरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है ।
रामकृष्ण ने अम्मा से कहा :- अम्मा ! लाली को हम अपने साथ दिल्ली ले जाना चाहते हैं और अपने रेडियो स्टेशन वाले ऑफिस में जब वह गाएंगी तो उसके गाने सुनने वाले की लाईन लग जाएगी और उसके दिन भी बदल जाएंगे ।लाली अभागिन नहीं एक गुणी लड़की है । माता सरस्वती जिसके कंठ पर विराजमान हो वह अभागिन तो कदापि नहीं हो सकती ।
तू ठीक कह रहा है लल्ला लेकिन वह तेरे साथ दिल्ली कैसे जाएगी ??? गाॅंव के लोग बातें करेंगे । लाली एक जवान लड़की है और तू लड़का है । हम जानते है कि तू दिल का साफ है उसकी मदद करना चाहता है लेकिन इ दुनिया बहुत खराब है लल्ला । रामकृष्ण की माॅं ने अपने बेटे रामकृष्ण से कहा ।
अम्मा ! हम लाली से शादी कर लेते है तब उसको अपने साथ दिल्ली ले जाएंगेे तब तो गाॅंव वाले हमारे और लाली के बारे में गलत नहीं बोलेंगे ना और उसके बाद हम उसे एक कामयाब गायिका बनाएंगे । रामकृष्ण ने अम्मा का हाथ पकड़कर कहा ।
रामकृष्ण की अम्मा को तो लाली बहुत पसंद थी क्योंकि इन चार महीने में जब से वह इस गाॅंव में आई थी लाली को रामकृष्ण की अम्मा ही तो प्यार से देखती थी और लाली भी छुपकर रामकृष्ण की अम्मा के पास आ जाती थी और जल्दी – जल्दी काम में हाथ बॅंटा कर चुपके से चली भी जाती थी । रामकृष्ण की अम्मा रामकृष्ण की बातें सुनकर बहुत खुश हुई और रामकृष्ण से कहा कि देखना लल्ला ! यह लाली तुम्हारे जीवन को बहुत खुशहाल कर देगी ।
अगले दिन ही दोनों माॅं – बेटे विमला चाची के घर में थे और रामकृष्ण की अम्मा विमला चाची को शादी के लिए मना रही थी और रामकृष्ण लाली को ही नजरें झुकाएं देखे जा रहा था । एक- दो बार इनकी थोड़ी बहुत बातचीत भी हुई थी इसलिए लाली को भी रामकृष्ण अच्छा लगा था । थोड़ी देर बाद रामकृष्ण की अम्मा लाली के पास जाकर कहती है कि हमार लल्ला तुमको पसन्द है कि ना लाली ??
लाली जो अभी रामकृष्ण के बारे में ही सोच रही थी अम्मा की बातें सुनकर अपना सिर नीचे कर लेती है और मुस्कुराने लगती है । रामकृष्ण की अम्मा विमला चाची से कहती है कि ऐ विमला ! जा रसोई से गुड़ लेकर आ हमें दोनों बच्चों का मुॅंह मीठा करना है । विमला चाची भी खुश थी क्योंकि रामकृष्ण की अम्मा ने विमला चाची से कहा था कि हमें बस लाली दे दो हमें कुछ नहीं चाहिए ।
आज लाली एक कामयाब गायिका बन चुकी है और अपने जीवन को बदलने का सारा श्रेय रामकृष्ण की अम्मा , रामकृष्ण और उसके रेडियो स्टेशन को देती है। उन सभी का उपकार वह मानती हैं । उसका मानना है कि अगर रामकृष्ण और उसकी अम्मा ने उस पर उपकार ना किया होता तो मालूम नहीं बूआ उसकी शादी किससे करवा देती और इस तरह उसकी जिंदगी में खुशियों का आगमन होता भी नहीं ।
रामकृष्ण की अम्मा भी अब दिल्ली में अपने बेटे – बहू और अपने पोते के साथ रहती है । उन्होंने लाली के बारे में जो कहा था वह बिल्कुल सही कहा था । आज लाली ने सबके जीवन को खुशहाल बना दिया है ।
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धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
” गुॅंजन कमल “💗💞💓
