🌺🌼🌺 ॐ 🌺🌼🌺🌼
गम और खुशी सहती है,
कुछ भी नहीं कहती है,
अनजानी इन राहों में— 
हर पल चलती रहती है, 
गम और …….
तू ही हमें यह बता दे,
होगा कब आखिर सवेरा,
चारों तरफ तो देखा—
 कोहरे की रात का है घेरा,
गम और……..
नाम क्यों तेरा जिंदगी है,
क्यों घट रही है उम्र अक्सर,
क्या यही तेरी बंदगी है,
या डर के जीना जिंदगी है, 
गम और ………
जमाने की आदत बुरी है,
हर एक मीठी छुरी है,
ना करना किसी पर भरोसा,
जिंदगी यही कहती है,
गम और…………
क्यों इतना कोई ना समझता, 
दुख से पुराना है रिश्ता,
धूप छांव कभी सुख की,
आती जाती रहती है,
    गम और………..
गम और खुशी सहती है,
कुछ भी नहीं कहती है,
अनजानी इन राहों में,
हर-पल चलती रहती है,
     संगीता वर्मा✍✍
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