मन का दीप जलाकर रखना,
उम्मीद का साथ बनाकर रखना,
अन्नदाता फसलें फिर लहराएंगी,
हिम्मत अपनी जुटा कर रखना |
वृक्षारोपण तुम बस करते रहना
प्रेमांकुर जग में तुम बोते रहना ,
छाया मिलेगी तुम्हेँ भी एक दिन ,
जल बस तुम सदा इनमें देते रहना |
सपने सारे तुम भी पूरे करना ,
ख्वाब न अपने अधूरे रखना,
कर्म तुम अपना करते चलों ,
आश्वासन अपना बनाए रखना |
अनाज का दाम मिलेगा पूरा,
सरकार का ध्यान होगा पूरा,
कोशिश अपनी छोड़ना नहीं ,
काम को अपने तुम करना पूरा |
माना संघर्षों की राह बड़ी कठिन ,
राह में होगी निराशा भी सब दिन,
विचलित तुमको पर होना नहीं हैं ,
मंजिल तुझे यहाँ मिलेगी एक दिन ||
शिखा अरोरा (दिल्ली)
