हे नरेन्द्र, तुम थे महान,
भारत माँ का आप आत्मसम्मान,
युवाओं के प्रेरणास्त्रोत,
भक्ति भाव से ओत प्रोत,
भारत के महान संत,
उनकी बुद्धिमत्ता का ना था कोई अंत,
परमहंस के अनुपम शिष्य,
मिशन रामकृष्ण की रखी नींव,
सर्वशिक्षा को दिया महत्व,
लक्ष्य से अपने भटकना मत दिया यही ज्ञान
विदेश में बढ़ाया अपने देश का मान,
बुद्धिमानी और हाजिर जवाब की कायल रही दुनिया,
विश्व धर्म संसद में गूंजती रही उनके सम्मान में अनवरत तालियां,
अध्यात्म की जगत को दिखाई राह,
आत्मविश्वास का पढ़ाया पाठ,
नारी शक्ति को दिया सम्मान
स्त्री शिक्षा से है संसार की प्रगति
संसार को दे गये ज्ञान की कृति,
सांसारिक मोहमाया को दिया नकार 
योग और वेदांत का किया प्रसार
‘उठो जागो, हिम्मत मत हारना,
तुम देश के युवा हो,खुद को कमज़ोर मत समझो’
आत्मज्ञान और निडरता इनको अपनी शक्ति बनाओ’
निकेता पाहुजा
रुद्रपुर उत्तराखंड
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