भारत का राष्ट्रीय पर्व,गणतंत्र दिवस,
26जनवरी1950से,मनाते ये दिवस।
देशवासियों के दिलों,में भरा सम्मान,
तिरंगे झंडे का,भारत गणराज्य शान।
ये उपलब्धि मिली,बड़ी-2 कुर्बानी से,
वीरों के शहादत बलिदान जवानी से।
हे! देश के रक्षक,तुम्हें शत-2 प्रणाम,
माँ भारती के लाल,तुझे मेरा प्रणाम।
प्राणों की शहादत,देकर करते  रक्षा,
तेरा बलिदान करे,भारत की सुरक्षा।
दुश्मन चाहे जितना,भी जोर लगाये,
भारत की सीमा पर,तनाव  फैलाये।
तुम रक्षक हो,भारत सीमा की शान,
दुश्मन से बदला,लेते हो बंदूखे तान।
तुम पर करें गर्व,देशवासी अभिमान,
तेरे दम गणतंत्रभारत,झंडे की  शान।
हे शूरवीर हे देश भक्त,तुम बड़े महान,
करता नमन तुम्हें वीरों,शत-2 प्रणाम।
भारत की आजादी,के गौरव व  शान,
अंग्रेजों से लोहा लेकर,देदी तूने जान।
गुलामी की बेड़ी से,मुक्त सारा जहान,
ये अपना हिंदुस्तान,भारत बना महान।
73वां गणतंत्रपर्व ये,मनारहे हिंदुस्तानी,
स्वतंत्र है भारत,भगा दिए इंग्लिशतानी।
सदा तिरंगा ऐसे ही लहर लहर लहराये,
भारत माता के आगे सब शीश झुकाये।
युगों-2 तक याद,रहेगा ये तेरा बलिदान,
हे भारतके क्रांतिवीर,तेरा सदा सम्मान।
श्रद्धा सुमन समर्पित है,कोटि-2 प्रणाम,
वंदन है अभिनन्दन है शत-शत प्रणाम।
रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
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