अपनी मिट्टी की खातिर अपना जिन्होंने सर्वस्व लुटा दिया
 अमर शहीद होकर भी उन्होंने  नायकत्व निभाना सिखा दिया
 आज़ादी के सपने को दे कुर्बानी जिन्होंने एक दिन साकार किया
 आज़ादी को सही अर्थ दे आज़ादी को देश में अाकार किया
 हो अमर, देश की गौरव गाथाओं में तिरंगे को उच्च मान दिया
 शिथिल पड़े भारत को जीवित कर स्वयं का बलिदान दिया
 अपना लहू दे गुलामी की बेड़ी तोड़ फिर स्वतंत्र आकाश दिया
 परतंत्र भारत देख एक क्षण भी जिन्होंने ना अवकाश लिया 
 काँटो के पथ पर चलकर भी अपनी मिट्टी का गुणगान किया
 हो शहीद,भावी पीढ़ी को आज़ाद देश में रहने का जीवनदान दिया
 शहीद दिवस उन्हीं वीरों याद है जिन्होंने स्वयं को कुर्बान किया
 अपने लहू की हर एक बूंद को सिर झुकाकर देश के नाम किया
स्वरचित व मौलिक
सुनीता कुमारी अहरी
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