ओ मेरी लाड़ली, नन्ही सी मेरी गुड़िया।
तुमको सुनाऊँ मैं लौरी,ओ मेरी प्यारी बिटिया।।
ओ मेरी लाड़ली——————।।
एक था राजा और रानी,उनकी सुनाऊँ तुमको कहानी।
उनके थी एक राजकुमारी, तेरी तरह मेरी गुड़िया रानी।।
बहुत ही सुंदर थी वह , करती थी प्यार उसको दुनिया।
ओ मेरी लाड़ली——————।।
आयेगा तेरा चंदा मामा, लाल परी तुमसे मिलने।
नाचेगा तेरा बंदर मामा, लायेंगे तेरे लिए खिलौने।।
फूलों सी है सूरत तेरी, महकी है तुमसे मेरी बगिया।
ओ मेरी लाड़ली——————।।
चंदा- तारे सो गये, दोस्त तेरे सभी सो गये।
देख रहे हैं सोकर सपनें, फूल-पंछी भी सो गये।।
सो जा मेरी राज दुलारी, सो जा मेरी प्यारी मुनिया।
ओ मेरी लाड़ली—————–।।
साहित्यकार एवं शिक्षक-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)
