काव्य रस के प्रकार नौ बताए गए हैं जिनमें वात्सल्य और भक्ति रस को जोड़ा गया है यह कुल मिलाकर 11 होते हैं

काव्य रस के इन सभी प्रकारों को मनुष्य अपने शारीरिक हावभावों से अभिव्यक्त कर सकते हैं इनके अलावा कुछ पशु-पक्षी भी अभिव्यक्ति इसी माध्यम से करते हैं। इंसान भी दहाड़ते हैं शेर भी दहाड़ता है क्योंकि यहां पर वीर रस प्रभावी होता है। चिड़िया भी चहकते हैं और मनुष्य भी चहक चहक कर बातें करते हैं कहने का मतलब हंस-हंसकर….. काव्य के सभी रस अपने आप में सर्व सिध्द हैं पर हास्य रस की सिद्धि जिसे मिल जाए उसकी महिमा अपरंपार है मतलब नो आरग्यूमेंट, नो टेंशन…रश्मिरथी के धुरंधर हास्य कवियों ने आज रश्मिरथी पाठकों एंवम लेखकों को खूब हंसाया है। 
हंसना जरूरी भी है इसीलिए तो हंसी को बनाया। 
सोंचो-सोंचो अगर मुंह में ताले लगते तो कैसा लगता।। 
गर गुस्से को हंसना और हंसना को गुस्सा कहते तो कैसा लगता। 
बचपन में भाई की नर्सरी राइम में जो पढ़ा था उसे आपको भी पढ़ाते हैं हंड्रेड परसेंट गारंटी है इसे पढ़कर आप जरूर हंस देंगे
हा हा हा हा हा 
ही ही ही ही ही 
हो हो हो हो हो 
हौ हौ हौ हौ हौ
रोज इसका सेवन कीजिएगा फर्क जरूर नजर आएगा 
वो हंसते हैं हम पर हम क्या करें।
चलो हम ही उनके मिजाज दरद-ए-दिल की दवा बने।। 
कहा बंदरिया ने बंदर से चलो नहाए गंग ।
बच्चों को घर पर छोड़ेंगे होने दो हुडदंग ।।
हास्य रस लिए हुए इन पंक्तियों को श्रीमती एस कटारे मैम जी जो क्लास टेंथ के A से लेकर E तक के सारे सेक्शन में सिर्फ हिंदी सब्जेक्ट ही पढ़ाया करती थी। मैम जी हिंदी की बहुत ही उम्दा शिक्षिका रही है इस बात से आप परिचित हो चुके हैं। उन्होंने काव्य रस के प्रकार व उनकी परिभाषा को बहुत ही सरल रूप में कॉपी में नोट करवाया था जिन के उदाहरण मैंने कितनी ही बार पढ़ा होगा एग्जाम के बाद भी जो आज तक जस के तस स्मृति में है। भई बोर्ड का क्लास था भूले तो ऐसे भी नहीं जाएंगे वह साल क्योंकि हमारा पूरा परिवार जगन्नाथ की यात्रा पर गया था और हम मॉडल पेपर की तैयारी कर रहे थे। सोचा था आज नहीं गए तो क्या हुआ किसी दिन अपने हमसफर के साथ आप के दर्शन करने जरूर आएंगे पर आपके दर्शन नहीं कर पाए हैं प्रभु। लोगों से कहते सुना है जब आप बुलाते हैं तभी लोग आपके दर्शन के लिए जाते हैं हे ईश्वर आप मुझे कब बुलाओगे अपने दर्शन के लिए जहां पहुंचकर मैं आपकी भक्ति के रस में डूब जाऊं। 
श्री हरि श्री हरि तेरा नाम जपु मैं।
नयनन में चमक लिए तेरी बाट जोहूं मैं।। 
पिछले तीन हफ्तों कि ही बात है गंगूबाई लगी और शुक्रवार को जब याद आई तो मिनीप्लेक्स हाउसफुल यही दोहराव दो बार और हुआ कश्मीर फाइल्स ,आर आर आर के लिए बच्चों ने कहा मम्मी आप मूवी देखने नहीं जा पा रही है घर पर ही देख लीजिए कौन सी मूवी लगाएं बताइए हमने कहा 83 सच में अपने देश को विजयी होता देखकर मन में जो भाव उत्पन्न हुआ ना उसको हम बयां नहीं कर सकते तब मन में ख्याल आया औरों के लिए जीत सिर्फ जीत होती है लेकिन खिलाड़ियों के लिए उनकी टूटती जुड़ती उम्मीद उनके अथक प्रयास ,मेहनत, लगन और लोगों का भरोसा जो टीम को जीत हासिल करने के लिए उत्प्रेरक का काम करता है शाबाश कपिल एंड टीम 👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏🏆🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉  देश जीते और खुशी के आंसू ना निकले किसी भी भारतीय के आंखों से ऐसा तो हो ही नहीं सकता कभी भी।
दूसरे दिन 2:30 बजे बच्चों ने आवाज दी मम्मी आइए रिमोट से फिल्मों के नाम के स्लाइड घुमाते हुए अचानक छोटे बेटे ने कहा गुंजन सक्सेना। खूब नाम सुना है चलो आज गुंजन सक्सेना की बायोग्राफी भी देख लेते हैं हमारा जनरल नॉलेज भी बढ़ जाएगा। स्त्री को कुछ कर गुजरने के लिए सबसे पहले जरूरत होती है स्वयं के आत्मविश्वास की फिर अपनों की विश्वास की, इन सारी चीजों में वह सफल भी हो जाती है लेकिन जो गैर जिम्मेदार होते हैं वह हमेशा एक स्त्री के मनोबल साहस को तोड़ने की कोशिश करते हैं बेहतरी की कितनी भी संभावनाएं क्यूं न वह अपने में लिए हुये हो उसे कमतर ही आंका जाता है पर स्त्री रूपी शक्ति कभी हार मानने वाली नहीं होती वो प्रूफ कर देती है कि वह भी पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वालों मे हैं और आखिर में वही परूष उनके सम्मान में ताली बजाते हैं जो उन्हें अपने से कम समझते हैं। जी हां दोस्तों गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल जिन्होंने अपने जाबाजी का परिचय देते हुए घायल जवानों को उपचार हेतु सुरक्षित जगह पर पहुंचाया एयर फोर्स जॉइन करने वाली पहली सशक्त महिला गुंजन सक्सैना👏👏👏👏👏👏👏👏सैल्यूट है आपको आपके पराक्रम के लिए 💖💖💖
तीसरे दिन उसी समय पर हाउस द जोश … हाई सर कहते हुए हम उरी के उन समस्त जांबाजों को देख रहे थे जिन्होंने भारत में हुए सोए हुए आर्मी जवानों पर गोलियों की बौछार कर दी जिसमें हमारे देश के जवान शहीद हुए उन आतंकियों के साजिशों व खेमे को नेस्तनाबूद करते हुए अपने वतन पर हुए हमले का जवाब दिया फर्ज और फर्जी में बहुत छोटा सा फर्क है जिसे अपना फर्ज निभा कर साबित किया सभी वीर जांबाजों ने👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏❤❤❤ 
सर पर कफन बांध 
वतन के लिए लड़ते, शहीद होते हैं। 
वीर पराक्रमी जो 
मातृभूमि के लिए अपना फर्ज निभा जाते हैं।।
अद्भुत साहस बल लिए 
तिरंगे को दुश्मन के खेमे में वे फहरा जाते हैं।
तीनों सैन्य की पहरेदारी 
जो खुद जाग कर अपने भारतीयों को चैन की नींद सोने देते हैं।। 
हमारे समाज में दुल्हन को हल्दी सफेद साड़ी में लगती है पर वह हल्दी के रंग में रंग कर पीला जो हो जाया करती है। और हमारे बाघंबरधारी बाबा का पताका भी तो श्वेत रंग का ही होता है। अब तो यह रंग भी हमारे पसंदीदा रंग में से एक है।
सफेद वस्त्रों को देखकर पहले हमें तो बहुत डर लगता था क्योंकि यह इंसान को कफन के रूप में ओढाया जाता है परिजनों के परलोक गमन ने सफेद वस्त्र का डर दूर कर दिया। करूण रस के आने से अन्य कोई भी रस नही सुहाता सारे रस रंग फीके ही लगते हैं।
                                                                           
घर पर हृदयविदारक मंजर जब देखूं।
अपने अंखियन से अश्रु तब मैं कैसे रोकूं ।।
बिलखते हुए मन को धीरज मैं कैसे धराऊं।
शोक में डूबे मेरे परिजन उनको कैसे ढंढास बधाऊं।। 
क्रमशः
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