सबका सपना मनी मनी।
बिन इसके ना धनी-धनी।
मनी हो तो मान भी बनी-बनी।
मनी संग स्नेह भी सनी-सनी।
वीरानी नहीं सब घनी-घनी।
मुस्कान लबों से छनी-छनी।
जेब में मनी,कद भी तनी-तनी।
मनी संग लगो सबको फनी-फनी।
सबका सपना मनी-मनी।
          -चेतना सिंह,पूर्वी चंपारण
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