देवाधिदेव महादेव का लिंग रूप अवतरण है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
करोड़ों सूर्यों के सम प्रभाव जैसा अवतरण है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
ऋतु बसंत की मनभावन ये इक पवित्र रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
फाल्गुन मास कृष्णपक्ष की ये चतुर्दशी रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
चेतनता की शुभ रात्रि ही पर्व महाशिवरात्रि है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
ईश्वर सत्य है  सत्य ही शिव है  शिव ही सुंदर है। 
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम  शिवम  सुंदरम।।
देवाधिदेव महादेव- शक्ति रूप गौरी की रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
शिवशंकर के शक्ति भक्ति की ये दिवस रात्रि है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
आदि शक्ति की आदि देव से मिलन की रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
राजा दक्ष के महलों की  रानी सती की रात्रि है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
श्री शिवशंकर अविनाशी व माँ गौरी की रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
कण-कण पत्ते-पत्ते में विराजें भोले की रात है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
भूतकाल में वर्तमान में व भविष्य में ये शिव है।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम शिवम  सुंदरम।।
कोई कहे आदि योगी हैं कोई कहे यह वैरागी हैं।
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम  शिवम  सुंदरम।।
ईश्वर सत्य है  सत्य ही शिव है  शिव ही सुंदर है। 
सत्यम  शिवम  सुंदरम सत्यम  शिवम  सुंदरम।।
रचयिता :
डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.
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