चलो मनाएं ऐसे आपकी,
होली का त्यौहार।
एक अनोखे प्रेम के,
रंग में रंग डाले संसार।।
ऊंच-नीच का भेद मिटाएं,
सब हो एक समान।
विश्व विजेता फिर से,
बनाएं अपना हिंदुस्तान।।
नए साल में नए रंग से,
भर दे हिंदुस्तान।
बहुभाषी भारत में सबके,
भाव हो एक समान।।
सात रंग सतरंगी दुनिया,
भारत सबसे महान ।
हमको अपनी जान से,
प्यारा अपना हिंदुस्तान।।
होली के आ जाते मन में,
छाए नई उमंग।
बूढ़े भी बच्चे बन जाते ,
सब को भाते रंग।।
गोकुल, मथुरा ,बरसाने में ,
आते फिर से कन्हाई।
और अवध में आ जाते हैं, रामचंद्र रघुराई।।
अति मनभावन सबसे प्यारा, होली का त्यौहार।
होने लगी है चारों तरफ,
रंगों की बौछार।।
🙏जय श्री राम🙏
स्वरचित व मौलिक रचना
रचनाकार: नूतन राय
नालासोपारा (महाराष्ट्र)
