नारी का कर दे चीरहरण, करता नही अल्ला माफ उसे ।
शकुनि का पासा पलट गया. जब न्याय -निति मे जंग हुआ,
“सत्यमेव जयते “कहने को हर प्राणी स्वछंद हुआ।
नारी शोषण करने वाले को मिला सबक कुछ ऐसा है ,
अब उस पर गाज गिरेगी जो अब छुपाए चेहरा बैठा है ।
दुष्कर्मी का जो पक्ष करे वो भी दुष्कर्मी जैसा है . .
आहत मन को , आहत करके अब विषधर बन कर बैठा है. ।
