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जितना भी हो मुश्किल राहें
कदम अब रोकना नहीं
किसे दोष दें हम बेवजह यूही
जो ज़िन्दगी मे ही प्यार लिखा नहीं है
सच मे बहुत दर्द भरे दास्ताँ रहा अब तक ज़िन्दगी
भले ही इतना जख्म मिले हमें
पर इतना तो समझ गए हम ए दिल
ये नफरतों व फरेब की दुनिया है
यहाँ कोई सच्चा प्यार को समझता नहीं है….!
जाने कितना जतन किया अहसास दिलाने की
पत्थर सा दिल पर मोहब्बत की
हंसी गुलशन बसाने की
बिखरती चली गयीं खुद मैं ही
इस गुलशन को सजाते सजाते एकेले
फिर भी कोई बाहर अपनेपन की
कभी इस चमन से गुज़रता नहीं है…!
क्यूँ सिर्फ मायने होते होते है इस दुनिया मे
वो बेजान सी कीमती तोहफाओ की
किसी दिल का हर धड़कन कुर्बान हुआ
लेकिन उसका कोई यहाँ कदर नहीं है
क्यूँ चाहिए हर किसी को यहाँ
बस वहम जैसे ख़ुशी की ख्वाहिशे
ज़ब की हकीकत मे यहाँ
किसीके भी ज़िन्दगी मे ख्वाब पूरा होता नहीं है…!
बेअसर सा लगने लगे दुआए ए ज़िन्दगी
रब से की हर अरदास अधूरी सी लगने लगी है
पल पल तरसते रहते है प्यार के लिए
पर जिससे भी उम्मीद करे उससे प्यार मिलता नहीं है
हर पल तड़पता रहता है जान इस सीने मे
जाने क्यूँ इतने तड़प से भी ये साँसे टूटता नहीं है…!
कोई तुम्हे समझें या न समझें यहाँ
ए ज़िन्दगी हमने तुम्हे दिल से महसूस कर लिया है
जो कुछ दूर पे दिखा रहे हो मंज़िल हमारे
जानते है वो अग्निपथ है,वाहतक जाना आसान नहीं
फिर भी न हारने की कसम जो दी है
खुद के ही अक्श से हमने कभी
कोई निभाए या न निभाए ए दिल नांदान
लेकिन हमें वो हर कसम निभाना है
अब कभी हमें अपना कदम पीछे लेना नहीं है…!
बहुत जाहिर कर दिया खुद को जो
अब तक न समझ पाए ऊन अपनों की ही महफिल मे
कोई मतलब नहीं इन अल्फाज़ो का
जो कोई इसके अहसास को समझता नहीं है
जब न रहा कोई ख्वाहिशे ज़िन्दगी के
तो क्यूँ न इन तन्हाईयो मे काट ले ज़िन्दगी
अब न करेगे कोई मिन्नते किसीसे
जो न मिलसके ऊन सुकून के लिए ए ज़िन्दगी
अब नहीं ढूंढगे लफ्ज़ मोहब्बत की ग़ज़ल के लिए
लिखेंगे हर किसीका दर्द नैना खाली पन्नों मे
क्योकि यहाँ कोई दिल के सच्चे ज़ज़्बात को समझता नहीं है…..!!
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नैना…. ✍️✍️
