जगतजजनी मेरी मेरी प्यारी,तुझे पूजे हर नर नारी,
मन की सारी आस पुजाती,इच्छा पूरी करती सारी!
हर दुःख से हर संकट से मां शैलपुत्री रूप मे बचाएं,
विपदा जब घिर- घिर आए तो ब्रह्म चारिणी मां तू ही सहाएं!
महिमा तेरी कही ना जाए,चंद्रघंटा तू नाम कहाए,
कर्मो के फेर से भी कूष्मांडा मां तू ही बचाएं!
पूजू  तुझे मै दिन-रात,जब-जब स्कन्दमाता बन के आए,
कात्यायनी रूप तेरा अपरम्पार,छवि तेरी मेरे मन मे बस जाए!
मां कालरात्रि की महिमा निराली,मनवांछित फल देकर जाए!
महागौरी तेरी जोत-जगाऊं,भक्त को राह देना दिखलाए,
सिद्धिदात्री मां हर पल विराजो ह्रदय मे, रहूं ना मै निसहाय!
नव दुर्गा के नौ रूपो का ध्यान करूं दिन रैन,
माता के चरणो मे ही मिलता मुझको सच्चा  चैन!
                                           श्वेता अरोडा
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *