उन्होंने धोखा दिया है, माना अपना जिनको मैंने।
साथ छोड़ा है उन्होंने, दिया साथ जिनको मैंने।।
उन्होंने धोखा दिया है——————।।
मत हो ऐसे निराश और उदास , ओ मेरी जिंदगी ।
मिलेगी तुझको भी मंजिल, ओ मेरी प्यारी जिंदगी।।
मत हो ऐसे गुमराह , धोखा पाकर तू किसी से।
लुटा है मुझको उन्होंने, किया आबाद जिनको मैंने।।
उन्होंने धोखा दिया है——————-।।
वक़्त के साथ बदल तू , मिलेगी खुशियां जिंदगी।
फायदा वक़्त का ले तू , महकेगी बगियाँ जिंदगी।।
करेंगे वो भी सलाम तब, धोखा जिन्होंने किया है।
किया बदनाम उन्होंने, दिया सम्मान जिनको मैंने।।
उन्होंने धोखा दिया है—————–।।
मत मान अपनी पराजय, धोखा करने वालों से डरकर।
सितारा अपना बुलंद कर, इन तूफानों से लड़कर।।
साथ तेरे हैं ईश्वर, मत बहा ऐसे ऑंसू  तू ।
किया खून दिल को उन्होंने, किया प्यार जिनको मैंने।।
उन्होंने धोखा दिया है—————–।।
साहित्यकार एवं शिक्षक- 
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)
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