तर्ज:- मुबारक हो सबको समां ये सुहाना….
मुबारक हो मैया, ये तुमको नौ रात्रि,
मैया आ जाना, आ जाना,आ जाना,
मैया जी के माथे पे, बिंदिया भी सोहे,
मैया जी के कानों में, झुमकी भी सोहें,
सिंदूर को लगा के, झाले पहन कर,
मैया आ जाना, आ जाना आ जाना,
मैया जी के कंठ में, हरवा भी सोहे,
मैया जी के हाथों में, कंगना भी सोहें,
माला को सजा के, चूड़ी पहन कर,
मैया आ जाना, आ जाना आ जाना,
मैया जी के पावों में, पायल भी सोहें,
मैया जी के पैरों में, बिछिया भी सोहें,
पायल को छनका के, मेंहदी रचा के,
मैया आ जाना, आ जाना आ जाना,
मैया जी के अंग में, चुनरी भी सोहे,
मैया जी के संग में, लंगूरे भी आयें,
दीपक लगा कर मैया, भोग लगाऊँ,
मैया आ जाना, आ जाना आ जाना,
मुबारक हो मैया, ये तुमको नौ रात्रि,
मैया आ जाना, आ जाना आ जाना ।
भजन रचना-रजनी कटारे
जबलपुर (म.प्र.)
