तुझे पता ही नहीं मेरे लिए कितना खास है तू
मेरे हर दर्द की दवा का अहसास है तू
माना बहुत तोड़ा है इस ज़माने ने तुझे
आजमा के सुखे पत्तों की तरह बिखेरा है तुझे
पर ना जाने क्यूं मेरे दिल में हर बार ये आता है
इस दुनिया की हर बला से बचाऊ मैं तुझे।।
समझ नहीं आता क्यूं आजकल पिघलने लगी हूं मैं
इस कदर मन की भावनाओं में उलझनें लगी हूं मैं ।।
मोहब्बत तो नहीं पर कुछ तो खास है
तेरे मेरे रिश्तों के दरमियान कुछ अनकहे एहसास है
हमसफ़र बनने की ख्वाहिश नहीं मेरी
तेरा हर दर्द बांट लूं बस इतनी सी गुज़ारिश है मेरी।।
तुझ पर आंच जो आए कभी तेरे लिए लड़ जाऊं पूरी दुनिया से मैं
बस इतना सा हक दे तु मुझे की तेरे लिए उस खुदा की हर दुआ अपने आंचल में समेट लूं मैं।।
तू मेरी जिंदगी का एक खुबसूरत रवानी है
जो मेरे ना होने से भी खत्म ना होगी वो कहानी है
तेरा हर दर्द मेरे सिने में भी यूं धड़क जाए
की मेरी हर खुशी तेरे दर्द की मलहम बन जाए।।
तेरी खुशियों पे तो अपनी जिंदगी भी कुर्बान कर दूं
तेरा साथ रहे हमेशा चाहे बदले में कीमत चुकाने को खुद को भी नीलाम कर दूं।।
डर ये नहीं की तू कहीं भटक जाएगा
किसी ओर की बाहों में जाके सिमट जाएगा
डर इस बात का है की दिल मेरा मुझसे ही लड़ जाएगा
तुझे खोने के डर से रूह तक तड़प जाएगा ।।
तू गुरूर बन गया है मेरा
दिल का सुकून बन गया है मेरा
तु जिंदगी का वो खुबसूरत हकीकत है मेरी
जिस्म की नहीं रूह की जरूरत है मेरी
हाथों में मेरे तेरे नाम की तो लकीरें नहीं
पर तेरे साथ अपने रिश्ते को मुकम्मल बनाना है मुझे।
