कविता
हिंदी भाषा
जन जन के मन में अभिलाषा।
हिंदी कब बनें राष्ट्र की भाषा।
हिंदी मान सम्मान की भाषा।
अलंकार रस छंद की भाषा।
तुलसी सूर कबीर की भाषा।
कवि रसखान की प्रेम पिपासा।
बिहारी केशव दास की भाषा।
हिंदी से जन जन को आशा।
सब भाषाओं में, श्रेष्ठ भाषा।
देव भाषा की तनया हिन्दी।
भाषाओं के भाल की बिंदी।
सहज सरल भाषा है हिंदी।
विदेशी भी पढ़ रहे हैं हिंदी।
हिंद देश की शान है हिन्दी।
भारत मां का मान है हिंदी।
जन जन का अभिमान है हिन्दी।
मानवता की जान है हिन्दी।
अपने देश का भान है, हिन्दी।
हम सबका अरमान है हिन्दी।
देश का राष्ट्रगान है हिन्दी।
स्वर गीत लय तान है हिन्दी।
अंग्रेजी का निदान है, हिन्दी।
भावना से भगवान है, हिन्दी।
आजादी का गान था हिंदी।
वंदेमातरम् गान है, हिंदी ।
जन गण मन की जुबान है हिन्दी।
हम सबकी मुस्कान है हिन्दी।
अब भी सहे अपमान है, हिन्दी।
कब पायेगी मान ये हिंदी।
केबल राम का गान है हिंदी।
बलराम यादव देवरा छतरपुर

