हार और जीत तो
जीवन में आती जाती
हार कर ही तो
सीखते हैं जीतना
सीखता जब बच्चा भी
अपने पैरो पर चलना
गिरता सौ बार पहले
फिर ही संभलता
हार का न रंज करो
जीत का न दंभ भरो
निरंतर सतत प्रयास से
सफलता मिलती जरूर
ठोकर लगने से पांव
पल भर को ठिठक जरूर जाते
पर हार मान कर रुक तो नही जाते
चखा नही जिसने जीवन में
हार के स्वाद को
जीत का मूल्य वह
समझ नही पाता।
