प्रिय स्नेहा
तुम्हें हर वक्त मेरी चिंता होती है कि मैं कैसा हूॅं तो मैं तुम्हें बता दूं कि मैं यहां पर ठीक हूॅं । हमारी भारतीय सेना का एक दल इन दिनों द्विपक्षीय ट्रेनिंग एक्सरसाइज के लिए अमेरिका के अलास्का आया हुआ है। यहां पर अमेरिकी सेना की अलास्का की टुकड़ी हमारी भारतीय सेना को होस्ट कर रही हैं । हम सभी यहां पर युद्धाभ्यास नाम की एक्सरसाइज करने के लिए उपस्थित हुए हैं जो जॉइंट बेस एलमेनडॉर्फ रिचार्डसन में चल रही हैं । यह बर्फीली वादियों से घिरा जगह है । अपने देश के मौसम की तरह ही यहां का मौसम भी सर्दियों में सुहाना हो जाता है । प्राकृतिक छटा ऐसी है कि इन वादियों में खोने का दिल चाहता है । जब मैंने पहली बार इन वादियों को देखा था मैंने तो तुम्हारे साथ यहां पर अपनी कल्पना तक करनी शुरू कर दी थी । हमने साथ में इन वादियों में एक – दूसरे का हाथ पकड़कर कई कसमें और वादें किए । मुझे खड़े-खड़े सपने देखते देख मेरे साथी मेरा मजाक उड़ाते हैं लेकिन मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है । आज तक मैंने भारत मां की सेवा बड़ी शिद्दत से की है और आगे भी करता रहूंगा इसके साथ ही यह भी सत्य है कि मैंने तुम्हारे साथ भी सात फेरे लेकर कुछ कसमें और वादें किए है । इन हसीन और बर्फीली वादियों में मैंने अपने हनीमून के सपने देखे थे लेकिन तत्काल ही युद्धाभ्यास के लिए मुझे यहां आना पड़ा लेकिन यहां आकर भी मैं तुम्हें भूल नहीं पा रहा हूॅं । हमारे साथ आए हुए हमारे उस्ताद रोज ही हमें अपने परिवार के लोगों के साथ – साथ भारत माता की भी याद दिलाते हैं और उनके प्रति हमारे फ़र्ज़ को निभाने के पथ पर हमारे मार्गदर्शक बनते हैं । हां तुम्हें तुम्हें यह बता रहा था कि हम लोग यहां पर किस लिए आए हैं ? हम यहां यूएस के सेना के साथ ट्रेनिंग करने के लिए आए हैं । युद्धाभ्यास की शुरुआत से पहले दोनों देशों की सेनाओं ने घुलने-मिलने के लिए कई गतिविधियां कीं। हमने इन बर्फीली वादियों के बर्फ पर कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेल खेलें और एक-दूसरे पर बर्फ के गोले भी फेंके। हमारे उस्ताद की तरफ से ऐसा करने के लिए हमें कहा गया था । उनका कहना था कि ऐसा करने से दोनों सेना एक – दूसरे के करीब से जानेंगी । ट्रेनिंग से पहले हम दोनों सेनाओं के प्रत्येक सैनिकों को एक – दूसरे को जानना बहुत जरूरी है ऐसा उनका कहना है । बर्फ फेंकते समय मुझे तुम्हारी याद आई थी । एक पल को तो मुझे लगा था कि तुम मेरे पास ही खड़ी हो । इन खूबसूरत वादियों में मेरा दिल तुम्हारी चाहत कर रहा था । शादी के समय मैंने उसे एक बचाने में भी दिया था क्या मैं तुम्हें सारी बातें बताऊंगा इसीलिए इस खत के जरिए मैं तुम्हें अपने ट्रेनिंग के बारे में बता रहा हूॅं । तुम कहोगी कि इस ट्रेनिंग का उद्देश्य क्या है ? तो तुम्हें बता दूं कि इस ट्रेनिंग एक्सरसाइज का उद्देश्य है कि भारतीय सेना और यूएस आर्मी अलास्का आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में किसी भी ऑपरेशन में साझेदारी के लिए तैयार रह सके यही वजह है कि इस साल की युद्ध अभ्यास एक्सरसाइज हमारी बटालियन के तीन सौ पचास सैनिक शामिल हुए है । संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों के तहत उग्रवाद रोधी और आतंक रोधी वातावरण में काम करना हम सबको सिखाया जाएगा। बर्फ के बीच ही यह सैन्य प्रशिक्षण इस बार पहली बार हो रहा है । सैन्याभ्यास में जिन क्षेत्रों में ठंडी जलवायु है वहां पर वैसी स्थिति में सामूहिक सैन्य व्यूह – रचनाएं हम कैसे कर सकते हैं यह सब हमें बताया जाएगा । यह सब हम अपने देश के लिए ही तो कर रहें हैं । भले ही अभी मैं विदेश में बैठा हूॅं लेकिन मेरा दिल तो अपने ही देश में हैं और तों और मेरी दिलरुबा भी तो वहीं पर हैं ।
जब तक यह खत तुम तक पहुंचेगा तब तक मेरी आधी ट्रेनिंग खत्म हो चुकी होगी ऐसा मुझे लग रहा हैं । तुम यह मत समझना कि मैं तुम्हें भूल गया हूॅं । ऐसा कभी हो नहीं सकता कि मैं तुम्हें भूल जाऊं लेकिन अब तुम एक फौजी की पत्नी हो । तुम्हें यह बात याद रखनी होगी कि तुमसे पहले मैं अपनी भारत मां का बेटा हूॅं उनके प्रति मेरा पहला कर्तव्य हैं । उसके बाद ही मेरे अन्य रिश्तें है । मुझे उम्मीद है कि तुम मेरी भावनाओं को समझोगी । बेशक स्वदेश लौटने में कुछ वक्त लगेगा मुझे लेकिन वहां की हर एक चीज मेरे जहन में हर पल रहती है । इन्हीं यादों के साथ बाकी की बातें अगले खत में
सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा
समीर
बर्फीली वादियों के बीच अपने दिल में स्वदेश की यादें लिए बैठा समीर अपनी पत्नी स्नेहा को खत लिखने के बाद अपने टेंट में लौट आया । उसने अपने एक दोस्त को वह खत डीआर को देने के लिए कहा ताकि डीआर वह खत पोस्ट ऑफिस में जाकर पोस्ट कर सकें । अपनी पत्नी के प्रति फर्ज को निभाने के बाद समीर अपनी भारत मां के प्रति अपने फर्ज को निभाने के लिए युद्धाभ्यास की तैयारी करने में जुट गया ।
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
” गुॅंजन कमल ” 💓💞💗
