सीधा सादा दिल मेरा, भोला भाला मनदिल में बसा हुआ है मेरे आज भी बचपन…… सीधा सादा दिल मेरा कितना है निश्छल बहुत जालिम है ये दुनिया हर पल होता छल…….ऋचा कर्ण ✍️✍️Spread the love Post navigation मुझे उसकी सादगी पसंद हैइंकलाब ज़िंदाबाद : भगत सिंह भाग १२