सिंधु ताई एक जाना पहचाना नाम, 
हर कोई करता है इनको सलाम, 
कितनो बच्चों को दिया अपना नाम, 
 जिनका कोई नहीं उनको याद आता सिंधु ताई का नाम, 
सजना सवरना हर औरत का होता है संसार, 
पर उनमें तो ममता का था अपार संसार, 
      महाराष्ट्र की थी वो मदर टेरेसा, 
1400 बच्चों को प्यार मिला था उनकी माँ सा, 
सिंधु ताई कहलाती थी बच्चों की आईl
सम्मान मिला इनको कई पुरस्कारों से, 
 बुझते हुए दीप में प्रकाश जलाई अपने मजबूत इरादों से, 
अमबंर को थाम कर, सागर को रोक कर, 
आई हर विपत्ति को मोड़ कर , 
 ममता का रास्ता बनाया बच्चों के आंसू पोछ कर, 
रेल की पटरी पर दिन बिताए, 
शमशान की चिता पर रोटी पकाई, 
अंधकार में भी रौशनी की चिंगारी जलाई, 
बेहोशी की हालत में बच्चे को जन्म दिया, 
पत्थर से मार कर नाल तोड़ी, 
रास्ते में आई हर बाधा को मोडी़, 
सलाम है ताई के हर मजबूत इरादों को, 
न झुकी, न रूकी, न टुटी, 
जितना भी कहे इनके बारे में कम, 
सिंधु ताई कहलाती थी बच्चों की आई। । 
नमन है इस ममतामई माँ को🌹🙏🙏🙏🙏🌹
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