प्रिय बंधुओं 🙏 आज मै जिसकी कविता लिखने जा रहा हूं वो हमारे भारतीय इतिहास का एक स्वर्णिम भविष्य और प्रकाष्ठा की प्रतीक है , तो कृपया मेरी निवेदन है की मेरी रचना को अंत तक जरूर पढ़े🙏🙏🙏।

प्रोफेसर नीना गुप्ता जी 🙏 जिस प्रकार से आज हमारे बीच देश और दुनिया में  गौरव प्राप्त किया है, उन्हें हम देश वासी मरते दम तक याद रखेंगे। वो एक मैथमेटिशियन ही नहीं बल्कि साइंटिस्ट की दर्जा दी गई हैं।
आपने जो 20 दिसंबर 2021 को देश के लिए एक और गौरव से सम्मानित किया है 🥰, वो हमारे आने वाली पीढ़ी तथा नए युवाओं को सिख मिलेगी ।
जिस प्रकार से आपने🙏 एलजेब्रिक जियोमेट्रो और कॉम्यूटेटिव अलजेब्रा में गौरवमई कार्य करते हुए 😊 युवा गणितज्ञों का DST–ICTP–IMUरामानुजन पुरस्कार 2021″ प्राप्त किया है 👏👏, इसे मैं आपको “मेधावी लेडी ” या “मेधावी मैथेमेटिशियन” भी कहूं तो कम लगता है । आप सिर्फ एक ही समफलता हासिल  नहीं की बल्कि समय समय पर पूरा भारतवर्ष को आपने अपनी मैधावी होने का परिचय दिया है 🙏। और तो ये सम्मान पाने वाली आप चौथी भारतीय और तीसरी महिला भी हैं👏। सबसे पहले तो मैं आपको प्रणाम और लाख लाख बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं 🎉🎉🙏 देता हूं।
प्रोफेसर नीना जी का जन्म कोलकाता में ही एक गरीब परिवार में हुआ था । यही पली बढ़ी और पढ़ाई भी यहीं के “खालसा हाई स्कूल” से किया।
उसके बाद आपने  “बैथ्यून कॉलेज” से  मैथ ऑनर्स करके बीएस. सी की डिग्री हासिल की।
आपने इंडियन स्टास्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) से मास्टर्स और पीएचडी की डिग्री हासिल की।
                     प्रोफेसर नीना गुप्ता जी को साल 2014 में एलजेब्रिक जियोमेट्रिक के क्षेत्र में zariski cancellation problem को सॉल्व करने के कारण नेशनल साइंस एकेडमी की ओर से नेशनल साइंस पुरस्कार से नवाजा गया। यहां तक ही नहीं आपने इनके कार्य जो सराहनीय योगदान रहा वो अनवरत रूप से चलता ही रहा। साल 2019 में भी आप शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार की विजेता रही👏।
ऐसे प्रतिभावान, नेक, मेधावी , विलक्षण प्रतिभा की धनी व्यक्ति से हमारे देश और दुनियां की नई को पीढ़ी को संस्कारवान बनने और सिख लेने की आवश्यकता है।
तो अब प्रस्तुत है ऐसी मेधा शक्ति रखने वाली प्रोफेसर नीना गुप्ता जी के लिए कुछ पंक्तियां😊।
🎉🎉🎉🎉🎉
चाह नहीं मैं सुर वाला की,
अमेरिकी डॉलरों में बिक जाऊं,
चाह नहीं नोटों माला की,
पश्चिक्मी राष्ट्र को ललचाऊं।
 अपने अग्रिम राष्ट्र का गौरव हूं मैं ,
प्रोफेसर नीना गुप्ता कहलाऊं,
जिस देश ने भटनागर पुरस्कार दिया,
उस गौरवमयी भारतवर्ष की बेटी हूं ।
मैं उस राष्ट्र की बेटी हूं,
जहां जन्म, पालन पोषण हुआ,
जिस मिट्टी में जन्म ली हूं,
ऐसे भारत माता की लाडली हूं ।
कोलकाता में जन्म भूमि है मेरी,
पूरे विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय हूं।
जो मिला है ” रामानुजन पुरस्कार” मुझे,
उस गौरमामयी राष्ट्र की नीना गुप्ता हूं।
जो आदर्श , ज्ञान के कौशल हूं,
मैं साइंटिस्ट नीना गुप्ता कहलाऊं,
अभ्युदय युवाओं की मार्गदर्शक हूं मैं,
जब उलट लो पन्ने मेरी मेधावी की।
इतिहास याद रखेगा मेरी आविश्मरणिय योगदान की,
जो तुम पलटोगे पन्ने कभी मेरी स्वर्णिम इतिहास की,
नेक दिल से शानदार प्रदर्शन की हूं,
मैं प्रोफेसर नीना गुप्ता हूं।
ना कोई शिकायत किसी से ,
ना कोई दुश्मनी किसी हृदय की,
हर किसी से प्रेम बांटती हूं,
हूं भारत का गौरव मैं प्रो नीना गुप्ता हूं।
करती रहूंगी काम गौरव की,
जब जब जरूरत आन पड़ेगी,
नए आविष्कार की जननी हूं मैं,
ये बात युवा वर्ग को समझाऊंगी।
मेरे जैसे हजारों को नीना गुप्ता बनाऊंगी,
साइंस और टेक्नोलॉजी में आगे ले जाऊंगी,
जब देखेगी दुनियां इतिहास भारत की,
हजारों मेधावी नीना नजर आएगी ।
चाह नहीं रखती हूं भेदभाव की ,
मैं “रामानुजन पुरस्कार” की जो प्यारी हूं,
दिया है साइंस एकेडमी ने पुरस्कार मुझे,
मैं ऐसे संस्थान और राष्ट्र को शत् शत् नमन करती हुं 🙏,
क्योंकि मैं प्रो नीना गुप्ता हूं, 
सादगी और सच्चाई की प्रतीक हूं,
ईमानदारी और मेहनत मेरी कमाई है,
और रहूंगी हमेशा राष्ट्र के लिए प्रयत्नशील  ।
👏👏👏👏🎉🎉🎉
🌺🌺🌺🌺🌺
🌹🌹🌹🌹
✍️✍️✍️मनीष कुमार  💘
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *