साँच को आँच कहाँ,कहते हैं सब लोग,जिसने इसे माना है,उसे मिले ना रोग।सच की रखे जो लाज,मिलता है राज योग,मिटाए से भी ना मिटे,मिले ऐसा शुभ संजोग।सच ही सदा जीतता,कभी ना लगता दोष,बुराई दूर भागे सदा,ईश्वर का मिलता योग।पूजा पीहूSpread the love Post navigation “सांच को आंच कहां”सांच को आंच नहीं