हमारे देश में विभिन्न  जातियों विभिन्न वर्गों के लोग रहते हैं। ऐसे में कुछ संयुक्त परिवार में और कुछ एकल परिवारों में  रहते है।
 जहां संयुक्त परिवारों की अपनी समस्याएं होती हैं अपनी सुविधाएं होती है वहीं एकल परिवारों में अलग प्रकार की समस्या और सुविधाएं होती।
 संयुक्त परिवारों में बच्चों के दादा-दादी नाना-नानी सभी का स्नेह मिलता है प्रेम मिलता है नई चीजें सीखते हैं पुरानी कहानियां सीखते हैं वही एकल परिवारों में बच्चे उन सब से दूर रहते हैं केवल माता पिता के सम्पर्क में रहते हैं।
 संयुक्त एवं एकल परिवारों में और भी कई अंतर होते हैं संयुक्त परिवारों में अलग-अलग तरीकों से  विभिन्न गतिविधियां होती हैं। एकल परिवारों में ऐसा संभव नहीं हो पाता है।
  दरअसल आर्थिक युग में सभी पैसे कमाना चाहते है।एक दूसरे से स्वयं को श्रेठ दिखाना चाहते है।एक दूसरे की पारिवारिक कार्यो में मदद को वह फालतू कार्य अथवा गुलामी की श्रेणी में रखते है।और यही से परिवारों में विघटन शुरू होता है।जिसका खामियाजा भुगतती है हमारी आने वाली पीढ़ियां एवम बुजुर्ग।
इंदु विवेक उदैनियाँ
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