लग जाये मेरी उम्र भी तुमको, ओ मेरी लाड़ली।
रब खुश रखें सदा तुमको, ओ मेरी लाड़ली।।
तेरे जन्मदिन पर यही है दुहा, ओ मेरी लाड़ली।
लग जाये मेरी उम्र——————-।।
आई है खुशियां मेरे जीवन में, तेरे आने से।
महकी है बगियाँ मेरे आँगन में , तेरे आने से।।
तू रहे सदा आबाद, रोशन ओ मेरी लाड़ली।
तेरे जन्मदिन पर यही दुहा है, ओ मेरी लाड़ली।।
लग जाये मेरी उम्र——————-।।
एक चिरैया आये और खेले , मेरे आंगन में ।
नन्ही सी गुड़िया आकर हंसाये,मेरे जीवन में।।
बनकै सितारा चमके तू जग में, ओ मेरी लाड़ली।
तेरे जन्मदिन पर यही दुहा है, ओ मेरी लाड़ली।।
लग जाये मेरी उम्र———————।।
मेरी पहचान,मेरा अरमान, मेरी शान तू ही है।
मेरा वारिस , मेरा गौरव , मेरी जान तू ही है।।
हर सपना तेरा मुकम्मल हो, ओ मेरी लाड़ली।
तेरे जन्मदिन पर यही दुहा है, ओ मेरी लाड़ली।।
लग जाये मेरी उम्र——————–।।
साहित्यकार एवं शिक्षक- 
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)
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