रोबोट सी ये जिंदगी,
बटन से चलने लगी,
पलक झपकते देखो,
दुनिया बदलने लगी।
जिसमें लगते थे घण्टों,
वो झट से होने लगी,
हस्तकला से देखो,
तकनीकी पर ढलने लगी।
रोबोट सी ये ज़िन्दगी
बटन से चलने लगी।
मीलों की दूरियाँ भी,
अब नहीं खलने लगी,
मुट्ठी में सब आ गया,
कमी दिल में पलने लगी।
रोबोट सी ये ज़िन्दगी
बटन से चलने लगी।
पूजा पीहू
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *