आज कल “यूक्रेन” बहुचर्चित राष्ट्र की गणना में आ गया है।बहुत से लोग उसे गरीब, कमजोर और लाचार समझने की गलत फहमी में हैं जबकि यह सत्य नहीं है। आइए इस विषय में कुछ जानते हैं  -:
भारतीय समाज के कुछ अति बुद्धिमानों ने एक अतार्किक तथ्य उधेड़ने  प्रारम्भ कर दिये हैं। इस वक्त युद्ध विभीषिका में फंसे हुए यूक्रेन को गरीब व पिछड़ा देश माना जा रहा है वह भी भारत की तुलना में। सोचा कि कुछ तथ्यों की ओर ध्यान दिलवा दूं, ताकि यदि तथ्यों की जानकारी नहीं है तो जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
     यूक्रेन भारत की तुलना में अमीर देश है, अधिक विकासशील है। यूक्रेन की शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा व नागरिक सेवाएं भारत की तुलना में बहुत अच्छी हैं।
    यूक्रेन सामरिक रूप से रूस की तुलना में कमजोर है इसका मतलब यह नहीं कि वह भारत की तुलना में पिछड़ा देश है या गरीब देश है। सामरिक दृष्टि से ताकतवर होना या न होना किसी देश को समृद्ध या गरीब नहीं बनाता है।
आइए कुछ तथ्यों पर नजर डालते हैं।
•  भारत भी लोवर-मिडिल इनकम इकोनॉमी की श्रेणी का देश है। 
• यूक्रेन भी लोवर-मिडिल इनकम इकोनॉमी की श्रेणी का देश है।
• भारत की जीडीपी प्रति व्यक्ति लगभग पौने दो लाख रूपया है। • जबकि यूक्रेन की जीडीपी प्रति व्यक्ति पौने चार लाख रूपया से अधिक है। भारत से दुगुने से भी अधिक।
•भारत में लगभग साढ़े सात हजार रुपए (7500 रुपए) प्रति महीना से कम इनकम वाले लोग कुल जनसंख्या का लगभग 26% (एक चौथाई से भी अधिक) हैं। 
• जबकि यूक्रेन में 0.4% (लगभग शून्य प्रतिशत) हैं।
     इसलिए हो सके तो यूक्रेन को विकास व आर्थिक मामलों में भारत की तुलना में पिछड़ा, छोटा, बेचारा मानने की दंभी मानसिकता से बाहर आइए। सांस्कृतिक रूप से भी यूक्रेन बहुत समृद्ध है।
   मत भूलिए कि भारत सैकड़ों वर्षों तक गुलाम रहा है और आज विश्व गुरू की भूमिका में नज़र आता है जब विश्व के बड़े देशों की अन्तिम अपेक्षाएं भारत से होती हैं। लेकिन इसके अंदर भी बहुत बड़ी कूटनीतिक चाल होती है। अतः भारत का भी फूँक  फूँक कर कदम रखना और धैर्य के साथ निर्णय लेना बहुत आवश्यक हो जाता है।
धन्यवाद!
लेखिका – सुषमा श्रीवास्तव 
मौलिक कृति
उत्तराखंड।
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