यह शौक नशे का , तुम मत करो।
बर्बाद नशे में , घर मत करो।।
यह शौक नशे का——————-।।
पीना छोड़ो शराब तुम, यह आदत गलत है।
बीड़ी, सिगरेट, अफीम की , यह लत गलत है।।
होता है इनसे जीवन, नष्ट और बर्बाद।
इनसे कलह घर में, पैदा मत करो।।
यह शौक नशे का——————-।।
ऐसे नशे से नष्ट , शरीर यह होता है।
और नाम बदनाम, समाज में होता है।।
टूट जाते हैं रिश्ते, छोड़ जाते हैं अपने।
ऐसे नशे में रिश्तें , खत्म मत करो।।
यह शौक नशे का——————-।।
नशा तुम करो, देशप्रेम और फर्ज का।
होगा इससे भला, सबके जीवन का।।
बीड़ी , सिगरेट, शराब, द्वार है नरक का।
इनके नशे में इज्ज़त, खत्म मत करो।।
यह शौक नशे का——————-।।
साहित्यकार एवं शिक्षक-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)
