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सूखे पत्तों की आहट से,मुझे याद तरी आती है,मन चंचल चित उपवन में,इक महक सी छा जाती है,मेरे दिल की गहराई से पूछो,तुम्हे पाने की हसरत कितनी है,कितना है तुम से प्यार मुझे,जीने के लिए साँसे जरूरी जितनी है,नहीं रहा जाता आब तुम बिन,जान मेरी अब जाती है,तूम जल्दी से आजाओ ना,मेरे धड़कन तुम्हे बुलाती है।
तुम थी तो लगता था,जैसे सब कुछ है पास में मेरे,इक अलग ही बेकरारी रहता था अकसर इंतजार में तेरे,घड़ी की सुइयां भागती थी, जब मेरे तू पास होती थी,अब तो ये सुईया भी बिन तेरे आगे ना बढ़ पाती है,नही रहा जाता है अब तुम बिन,जान मेरी अब जाती है,तुम जल्दी से अजवना,मेरे धड़कन तुम्हे बुलाती है,,।
दिखे कोई प्रेम जोड़ा तो, मुझे तुम्हरी याद आजाती है,तुम्हरी हर इक याद पुरानी,फिर ताज़ी हो जाती है,तेरी मेरी प्रेम कहानी,फिर गीत वही गाती है,दिल की इस सुनी बगिया में,एक हलचल सी मच जाती है,नही रहा जाता आब तुम बिन,जान मेरे आब जाती है,जल्दी से आजाओ ना तुम,मेरे धड़कन तुम्हे बुलाती है,
हर वक़्त उदास रहता है अब,मन चंचल और चित्त ये मेरा,जाने से तेरे मेरे दुनिया से,हदास हुआ है ब्यक्तित्व मेरा,ना जीने ने की अब चाहत है,ना तन में जान ही बाकी है,इस भीड़ भरी दुनिया मे ,कोई ना मेरा साथी है,नही रहा जाता अब तुम बिन,जान मेरे अब जाती है,जल्दी से आजाओ ना तुम,मेरे धड़कन तुम्हे बुलाती है,
अब तो अतीत के पन्नो में,मैं हर दम खोया रहता हूं,तेरी सपनो की दुनिया मे, मैं हर दम सोया रहता हूं,आजाओ वापस तुम,घर आँगन मेरा महका दो,करगे एक सुरुवात नई, तुम बस मुझको एक मौका दो,नहि रहा जाता अब तुम बिन,जान मेरे अब जाती है,जल्दी से आजाओ ना तुम,मेरे धड़कन तुम्हे बुलाती है,।।,,,,,,
,,,,,,,स्वरचित,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,प्रितम वर्मा,🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
