सबका सपना मनी मनी।बिन इसके ना धनी-धनी।मनी हो तो मान भी बनी-बनी।मनी संग स्नेह भी सनी-सनी।वीरानी नहीं सब घनी-घनी।मुस्कान लबों से छनी-छनी।जेब में मनी,कद भी तनी-तनी।मनी संग लगो सबको फनी-फनी।सबका सपना मनी-मनी। -चेतना सिंह,पूर्वी चंपारणSpread the love Post navigation इंकलाब जिंदाबाद ;भगत सिंह भाग २६फागुन भाग ४