जिसका कोई पर्याय नहीं,
वो होती है माँ!
जो अनपढ़ होते हुए भी,
प्रथम पाठशाला कहाती,
वो होती है माँ!!
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जो अपने परिवार और बच्चों,
के लिए वैध – हकीम, बाबर्ची,
सब रूपों में नजर आती,
वो होती है माँ!!
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
अथाह पीड़ा को सहज सहनशक्ति,
में बदल देती, ऐसी होती,
है माँ!
घर में सब कुछ रहते हुए भी,
जिसके बिना घर सुना लगे,
वो होती है माँ!!
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
मायके की आस और ससुराल का,
विश्वास होती है माँ!
मुश्किलों में आत्मबल लाने वाली,
दुर्गा सप्तसती पाठ का वो,
कवच होती है माँ!!
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
माँ का कोई दिन नहीं होता,
हर दिन माँ का होता है,
हर स्त्री का होता है,
बिना शक्ति के तो शिव भी,
अधूरे हैं,
तो हम कैसे पूरे हो सकते हैं,
इसलिए धरती पर आई,
माँ, माँ!!
🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
सभी माँ को समर्पित!
मातृत्व दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🙏
🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌹🌹
श्वेता कर्ण
बिहार
