प्रभु चरणो मे तेरे एक विनती बड़ी प्यारी है,
स्वीकार इसे भी कर लेना, जब अरदास सभी स्वीकारी हैं!
निकले जो दुआ दिल से मेरे,पल मे मंजूर उसे कर लेना,
निकले जो बददुआ दुखते दिल से, पल मे नामंजूर उसे कर देना!
सफल होने मे दुआओ का बहुत बड़ा हाथ है,
असफलता का उसके सिर पर ताज, बददुआ जिसके साथ है!
कर लो कमाई दुआओ की,बेमोल ये मिल जाती हैं,
दिल ना दुखाओ बस किसी का,बेहिसाब ये मिल जाती हैं!
मत कम आंकना दुआओ और बद्दुआओ की ताकत को,
क्यूंकि ये ही है जो राजा को रंक और झोंपडी को महल बना देती हैं!
करती चलूं बस निस्वार्थ कर्म अपना,क्यूंकि अब नजरे ऊपर वाले से निभाने की बारी है!
स्वीकार इसे भी कर लेना जब अरदास सभी स्वीकारी हैं!
                                       श्वेता अरोड़ा
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