छोटी सी तुलसा मेरे अंगना विराजे
पांव में जिसके पायलिया बाजे
छ म छ म करती सारे अंगना में डोले
जब मैं पूंछू क्या तेरा नाम है
तुलसी मेरा नाम धीरे से बताए है
जब मैं उससे पूंछू कहां तेरा गांव है
सब घर अंगना मुस्काए के बताए है
जब मैं पूंछू तुलसा कहां तुम ब्याही होनंद गांव है ससुरालमेरी शरमा कर बतलाए है
जब उससे पूछा तुलसा तेरा कोन भर तार है
सारे जगत का तारन हार मुरली का बजेया
कान्हामेरा भर तार है।।
