किसने सोचा था कि 
जीवन में एक दिन ऐसा आयेगा 
जब आदमी को देखकर 
आदमी घबरा जायेगा 
उससे मिलने से कतरायेगा 
घर में कैद होकर रह जायेगा । 
कभी कभी ऐसे दिन भी आते हैं 
जो सब कुछ तबाह कर जाते हैं 
कुछ चीजों पर अपना जोर नहीं चलता 
कुछ अपने कर्मों का फल हम पाते हैं 
आपदा में भी जो अवसर तलाश ले 
ऐसे लोग ही तो महान कहलाते हैं 
सारी जिंदगी झूठ का आवरण ओढकर जीते रहे 
ऐसे लोग सच का सामना करने से घबराते हैं 
जीवन में एक दिन तो ऐसा आयेगा 
जब खुशियों का समंदर लहलहायेगा 
हौंसला रख, आशा का दीपक जला 
कर्मपथ पर चलकर ही तू मुकाम पायेगा 
अपने अंदर भी कभी झांककर देख ले 
वहां प्रेम का अथाह सागर तू पायेगा 
सबसे प्रेम कर, मधुर वचन बोल, मुस्कुराकर मिल 
फिर देख, मुकद्दर भी चलकर तेरे पास आयेगा 
हरिशंकर गोयल “हरि”
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