जिंदगी भी तो एक शतरंज का खेल है, 
हर खेल तो उसी की बिसात पर होता है, 
ठीक वो चौसठ खानो की तरह, 
कभी सफेद तो कभी काले सच से सामना होता है, 
हम सब जितने के होड़ में लगे है , 
कब जिंदगी के उलझे प्यादो मे फस जाए, 
कभी मुश्किल हमे मात दे कभी हम मुश्किलों को मात दे, 
        चारों तरफ अंधेरा ही है , 
मोहरों की चाल पर रिश्ते भी निभते है, 
सबसे अनोखा किस्मत का मोहरा है, 
चाले भी चलता है वो दुश्मन की तरह
पर तु हिमम्त न तोड़ना, हौसला बुलंद बनाए रखना, 
क्या पता किस्मत का प्यादा कब वजीर बन जाए, 
पता भी न चले कब हारी हुई बाजी जीत बन जाती हैll
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