सोचे,समझें,विचार करें,
चलो चले मतदान करें ll
 कोई मत जाए ना बेकार,
 मतदान हर व्यस्क का अधिकार l
 अब आलस की ना बात करें,
 चलो चले मतदान करें ll
जाति-धर्म से ऊपर उठकर,
अपने मत का महत्व समझकर l
नवीन राष्ट्र का निर्माण करें,
चलो,चले मतदान करें ll
अपना मत ही लाएगा बदलाव,
परिवर्तन हर चुनाव का स्वभाव l
अपने लोकतंत्र का मान करें,
चलो,चले मतदान करें ll
हर उम्मीदवार को जाँच-परखकर,
उसके पूर्व कार्यों का आकलन कर l
सही-गलत की पहचान करें,
चलो,चले मतदान करें ll
मातृभूमि का जो सम्मान करे,
शिक्षा को जो बलवान करे l
राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर,
जो हर प्राणी के अधिकार व सम्मान की बात करे l
ऐसे सही उम्मीदवार की पहचान करें,
चलो,चले मतदान करें ll
 स्वरचित, मौलिक  एवं अप्रकाशित
 सुनीता कुमारी अहरी
 नई दिल्ली
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