रश्मिरधी पर आज का दैनिक लेखन विषय है ‘गठबंधन’
आज कल अपने देश में पाँच राज्यों मे होने वाले चुनाव के कारण चुनावी माहौल की धूम मची है। जब कोई एक दल अधिक बलशाली होता दिखता है तो दूसरे छोटे और कई बार बड़े दल भी कुछ मुद्दों को लेकर या फिर प्रभावी दल को नीचा दिखाने तथा कुर्सी के लालच में आपस में गठबंधन कर लेते हैं उसको भी गठबंधन ही कहते हैं।
गठबंधन शब्द का प्रयोग अलग-अलग जगह पर भिन्न-भिन्न प्रकार से किया जाता है आइए देखते हैं कैसे?
सामान्यतः एक समान कारण के हेतु एक साथ कुछ लोगों या समूहों के एक साथ संयुक्त सहयोग दे कर कोई कार्य करना गठबन्धन कहलाता है। यह गठबन्धन अस्थाई या सुविधा अनुसार भी हो सकता है। इनके कार्य मुख्यतः या सामान्यतः एक प्रकार के होते हैं अथवा यह किसी अन्य प्रकार के हित हेतु गठबन्धन में बंध जाते हैं।
•राजनीति और सरकार मेें संपादित गठबंधन सरकार- एक संसदीय प्रणाली में, पार्टियों के गठबंधन से बनी एक सरकार को गठबंधन सरकार कहते हैं। •ऑस्ट्रेलिया में, गठबंधन भी 1922 के बाद से तीन दलों (उदारवादी, नागरिकों और देश उदारवादी) संघीय राजनीति में मौजूदा एक गठबंधन (गठबंधन समझौते) का उल्लेख किया जाता है – यह एक संसदीय गठबंधन का गठन है। पार्टियों के गठबंधन को भी एक चुनावी संलयन कहा जाता है। कैंब्रिज शब्दकोश इसे “आम तौर पर एक सीमित समय के लिए, किसी विशेष प्रयोजन के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों या समूहों के मिलन को” गठबंधन के रूप में परिभाषित करता है।
• अर्थशास्त्र में गठबंधन ग्राहकों में विश्वास बढ़ाने हेतु कई नामी कंपनी एक दूसरे को सहयोग कर एक गठबंधन तैयार करती है। इसके कारण ग्राहकों का उस कंपनी के ऊपर विश्वास बढ़ जाता है और उसी विश्वास से कंपनी अधिक लाभ कमाने में सफल हो जाती हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी दो कंपनी में एक ग्राहक का विश्वास एक कंपनी के ऊपर हो और दूसरे का दूसरे के ऊपर हो तो जब वह दोनों कंपनी गठबंधन कर लेती हैं तो दोनों ग्राहक का विश्वास उस गठबंधन पर हो जाता है।
• सेना में भी अवसरानुकूल दो या दो से अधिक सैन्य बलों के मध्य किसी अभियान हेतु गठबंधन बनाया जाता है, जिसमें सभी को तयशुदा नियम और तौर- तरीके किसी विशेष प्रयोजन के लिए एक ही बात को सभी मानते हैं।
अब आते हैं अपने भारतीय समाज की परम्परागत हिन्दू विवाह विधान में फेरों की रस्म से पूर्व नव युगल के कंधे पर रखे पारम्परिक वस्त्र को आपस में बांधकर गठबंधन किया जाता है।
दूसरे शब्दों में यूँ भी समझा जा सकता है कि विवाह के दौरान पाणिग्रहण की रस्म के बाद वर के वस्त्र और कन्या के दुपट्टे या साड़ी के कोने को बांधकर गांठ बनाया जाता है, जिसे गठबंधन कहते हैं। इस गठबंधन को दोनों के शरीर और मन को आपस में बांधने का प्रतीक माना जाता है।
इतना ही नहीं यह रिवाज किसी भी उम्र के युगल जब कोई धार्मिक अनुष्ठान करते हैं तो उनके वस्त्रों के मध्य गठबंधन की रीति अब भी देखने को मिलती है चाहे वह केवल रूमाल मात्र से ही क्यों न सम्पन्न हो।इसके पीछे मान्यता है कि यह दम्पत्ति एक साथ एकात्म भाव से इस धार्मिक विधान मे विश्वास रखते हुए पूर्ण कर रहे हैं और सदैव यूँ ही साथ निभाते रहेंगे।
इस प्रकार से हम गठबंधन शब्द का भिन्न भिन्न स्थान पर भिन्न-भिन्न प्रयोजन के लिए भिन्न-भिन्न अर्थ लेते हैं। अभी के लिए इतना ही पर्याप्त प्रतीत हो रहा है।
धन्यवाद!
लेखिका –
सुषमा श्रीवास्तव
उत्तराखंड।
